
Ranchi: रांची के DAV पब्लिक स्कूल, गांधीनगर के दो विद्यार्थियों ने अंतर विद्यालयी हिंदी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन किया है। 12वीं की छात्रा आकृति सिन्हा ने आशुभाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया, जबकि नौवीं के छात्र रुद्र नारायण पांडे ने एकल अभिनय में तीसरा स्थान प्राप्त किया। दोनों विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और बेहतरीन प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित किया। इस दोहरी सफलता से स्कूल में खुशी का माहौल है।



यह प्रतियोगिता DAV पब्लिक स्कूल, गांधीनगर और CCL के राजभाषा विभाग के संयुक्त आयोजन में 13 और 14 अक्टूबर 2026 को रांची स्थित CCL क्लब में आयोजित की गई थी। दो दिवसीय हिंदी प्रतियोगिता में अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें DAV गांधीनगर के दोनों विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए पुरस्कार अपने नाम किए।
आकृति ने बोलने की कला से मारी बाजी, रुद्र ने अभिनय से जीता दिल
कक्षा 12वीं की छात्रा आकृति सिन्हा ने आशुभाषण प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार हासिल किया। इस प्रतियोगिता में किसी विषय पर बिना लंबी तैयारी के अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने होते हैं। आकृति ने अपनी बोलने की क्षमता, तुरंत सोचने की समझ और आत्मविश्वास से बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने उन्हें पहला स्थान दिलाया।

वहीं, कक्षा नौवीं के छात्र रुद्र नारायण पांडे ने एकल अभिनय प्रतियोगिता में तीसरा पुरस्कार जीता। उन्होंने मंच पर अपने संवाद, भाव-भंगिमा और अभिनय क्षमता से अपनी प्रतिभा दिखाई। उनकी प्रस्तुति की सराहना की गई। दोनों विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थी उत्साहित हैं।
प्राचार्या ने दी बधाई, बोलीं- सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है शिक्षा
दोनों विद्यार्थियों की सफलता पर स्कूल की प्राचार्या प्रियमदा झा ने उन्हें बधाई दी और उनके आत्मविश्वास, मेहनत और रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।
प्राचार्या ने कहा, “प्रतिभा की वास्तविक पहचान केवल पुरस्कारों से नहीं, बल्कि निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और उत्कृष्टता की ओर बढ़ते कदमों से होती है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ किताबों का ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानना और उसे निखारना भी है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ साहित्यिक, सांस्कृतिक और दूसरी गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए, ताकि उनका हर क्षेत्र में विकास हो सके।
विद्यालय के निदेशक मिथिलेश कुमार मिश्रा ने भी दोनों विजेता विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने आकृति और रुद्र की मेहनत के साथ उनका मार्गदर्शन करने वाले शिक्षकों के प्रयासों की भी सराहना की। स्कूल प्रबंधन ने दोनों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



