
मुंगेर: बिहार के मुंगेर में भक्ति और सेवा की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। कुछ महीने पहले मंदिर से भगवान बजरंगबली, प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण जी के चांदी के मुकुट चोरी हो गए थे। इसके बाद तीनों भगवान बिना मुकुट के विराजमान थे। अब नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने करीब ढाई किलो चांदी से बने तीन नए मुकुट भगवान को अर्पित किए हैं। इन मुकुटों की कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई जा रही है।

चोरी के बाद बिना मुकुट के विराजमान थे भगवान
मुंगेर के कोतवाली थाना क्षेत्र में नगर निगम कार्यालय के सामने स्थित प्राचीन बड़ा महावीर स्थान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कुछ महीने पहले चोरों ने मंदिर में स्थापित बजरंगबली, प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण जी के शीश पर सजे चांदी के मुकुट चोरी कर लिए थे।

इस घटना के बाद भगवान बिना मुकुट के विराजमान थे। चोरी की इस घटना से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं। ऐसे में भक्तों ने नए मुकुट अर्पित कर इस कमी को पूरा करने का संकल्प लिया।
नवरात्रि में गौरव शर्मा ने टीम के साथ अर्पित किए मुकुट
नवरात्रि के अवसर पर गौरव शर्मा अपनी टीम और अन्य श्रद्धालुओं के साथ बड़ा महावीर स्थान पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे श्रद्धाभाव से बजरंगबली, प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण जी को तीन नए चांदी के मुकुट अर्पित किए।
इसके बाद मंदिर के पुजारी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर तीनों भगवान को मुकुट धारण कराए। इस दौरान मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।
ढाई किलो चांदी के मुकुट, कीमत करीब पांच लाख रुपये
भगवान को अर्पित किए गए तीनों मुकुट करीब ढाई किलो चांदी से तैयार किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई जा रही है। यह पहल केवल नए मुकुट चढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर की धार्मिक गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी भावनाओं को फिर से संवारने का प्रयास भी है।
भक्ति के साथ सेवा और समर्पण का संदेश
नवरात्रि के पावन अवसर पर मुकुट अर्पित करने की इस पहल ने श्रद्धालुओं के बीच सेवा और समर्पण का संदेश दिया है। यह घटना बताती है कि धार्मिक आस्था केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जरूरत के समय मंदिर और समाज के लिए योगदान देने में भी दिखाई देती है। मुंगेर के प्राचीन बड़ा महावीर स्थान में भगवान को अर्पित किए गए ये तीन चांदी के मुकुट श्रद्धालुओं की भक्ति और समर्पण की मिसाल बन गए हैं।


