
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) और बिहार पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) ने संयुक्त कार्रवाई की है। टीम ने करीब तीन किलोग्राम चरस जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत तीन करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, चरस की खेप नेपाल से भारत लाई गई थी और इसे उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद भेजने की योजना थी।

खुफिया सूचना पर दो दिनों तक चली निगरानी
DRI की मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय इकाई और बिहार STF ने 17 और 18 अक्टूबर को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि नेपाल से भारत में चरस की तस्करी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है।

इसके बाद संयुक्त टीम ने भारत-नेपाल सीमा से सटे दुर्गम इलाकों में लगातार दो दिनों तक निगरानी की। इस दौरान गिरोह के सदस्यों, उनके ठिकानों और तस्करी के तरीके के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, तस्कर सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए चरस की खेप को कई ट्रेनों के जरिए ले जाने और उसकी आवाजाही में जानबूझकर देरी करने की योजना बना रहे थे। खेप को रविवार सुबह आगे भेजा जाना था।
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर ट्रेन से पकड़ा गया संदिग्ध
18 अक्टूबर की सुबह संयुक्त टीम को सूचना मिली कि बापूधाम मोतिहारी से मुजफ्फरपुर की ओर आ रही नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर मेमू ट्रेन में एक संदिग्ध व्यक्ति चरस की खेप लेकर यात्रा कर रहा है।
सूचना के आधार पर टीम ने मुजफ्फरपुर जंक्शन पर संदिग्ध को रोककर कार्रवाई की। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि चरस नेपाल से लाई गई थी और इसे उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद पहुंचाया जाना था।
पहले आरोपी की जानकारी पर दूसरा गिरफ्तार
पहली गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर संयुक्त टीम ने कथित आपूर्तिकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में कुल दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
जब्त चरस और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल जांच एजेंसियां तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, चरस की आपूर्ति के स्रोत और उसकी प्रस्तावित वितरण व्यवस्था का पता लगाने में जुटी हैं।
(गोविंद कुमार की रिपोर्ट)


