
Sports: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने पहले ही दिन दमदार प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. तीरंदाजी से लेकर निशानेबाजी तक भारतीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. सबसे ज्यादा चर्चा पैरा तीरंदाज शीतल देवी की हो रही है, जिन्होंने महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन राउंड में शानदार स्कोर के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. वहीं, बात करें भारतीय निशानेबाजों की, उन्होंने फाइनल में जगह बनाकर पदक की उम्मीदें बढ़ा दी हैं.


शीतल देवी ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाया
महिला कंपाउंड तीरंदाजी के क्वालिफिकेशन राउंड में शीतल देवी ने 720 में से 704 अंक हासिल किए. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने के अलावा नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया. इससे पहले एशियाई रिकॉर्ड 698 अंकों का था, जिसे शीतल ने छह अंकों से पीछे छोड़ दिया. अब उनके प्रदर्शन पर सबकी निगाहें टिकी हैं. क्वालिफिकेशन में शानदार प्रदर्शन के बाद उनसे आगे के मुकाबलों में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है.
निशानेबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत शुरुआत
शूटिंग में भारत के राकेश निदागुंडी और स्वरूप उन्हालकर ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई. क्वालिफिकेशन राउंड में राकेश ने 619.3 अंक हासिल किए, जबकि स्वरूप के खाते में 617.4 अंक आए. दोनों क्रमशः सातवें और आठवें स्थान पर रहे. महिला 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा में मोना अग्रवाल ने 629.1 अंक हासिल कर एशियन पैरा गेम्स का क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड अपने नाम किया. वह विश्व रिकॉर्ड के 629.4 अंकों से केवल 0.3 अंक पीछे रह गईं. अवनी लेखरा ने 626.4 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया. हालांकि, उस समय कुछ अन्य खिलाड़ियों का क्वालिफिकेशन राउंड पूरा होना बाकी था.
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तीरंदाजी में स्वाति चौधरी भी शीर्ष पर
महिला W1 तीरंदाजी के रैंकिंग राउंड में स्वाति चौधरी ने 648 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया. उनका स्कोर गेम्स रिकॉर्ड भी बना. दूसरी ओर, पुरुष रिकर्व रैंकिंग राउंड में हरविंदर सिंह 631 अंकों के साथ पांचवें और विजय सुंडी 630 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे.

पिछले प्रदर्शन से आगे निकलने पर भारत की नजर
एशियन पैरा गेम्स के पिछले संस्करण में भारत ने 111 पदक जीते थे. इस बार 168 सदस्यीय भारतीय दल का लक्ष्य उस प्रदर्शन को बेहतर बनाना है. पहले दिन तीरंदाजी, शूटिंग और बैडमिंटन में मिली शुरुआती सफलता ने भारतीय अभियान को मजबूती दी है. अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि भारतीय खिलाड़ी इन प्रदर्शनों को पदकों में कितना बदल पाते हैं.


