
JPSC Exam : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सामने आई कथित गड़बड़ियों की जांच अब आगे बढ़ रही है। JSSC-CGL और JPSC प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में CID ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में अभ्यर्थियों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने के पीछे सिर्फ यही लोग थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था।

JSSC-CGL केस में पश्चिम बंगाल से आरोपी गिरफ्तार
JSSC-CGL प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े CID थाना कांड संख्या 01/2025 में दिलीप कुमार पासवान को गिरफ्तार किया गया है। करीब 41 वर्षीय दिलीप पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्द्धमान जिले का रहने वाला बताया गया है।
CID के मुताबिक, जांच में सामने आया कि आरोपी ने JSSC-CGL परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
JPSC केस में कोचिंग संचालक तक पहुंची जांच
दूसरी कार्रवाई JPSC प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े CID थाना कांड संख्या 16/2026 में हुई है। इस मामले में रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के रांची रोड इलाके के रहने वाले 38 वर्षीय संजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
CID के अनुसार, जांच के दौरान संजीत कुमार के कोचिंग संस्थान के संचालक होने की जानकारी सामने आई है। साथ ही उस पर एजेंट के रूप में काम करने की बात भी जांच में सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद संजीत को भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अब नेटवर्क की तलाश में CID
दोनों मामलों में गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है। CID यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने की प्रक्रिया कैसे काम करती थी और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल दोनों मामलों की जांच अलग-अलग चल रही है, लेकिन CID की नजर परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों पर है।


