
नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन पर भागन बिगहा के पास सर्विस लेन चालू होने से वाहन चालकों को आवागमन का एक अतिरिक्त विकल्प मिल गया है। पैठना टोल प्लाजा से करीब तीन किलोमीटर पहले उपलब्ध इस रास्ते का इस्तेमाल ट्रक, बस, ट्रेलर और छोटे वाहन चालक कर रहे हैं। लेकिन सर्विस लेन शुरू होने के बाद टोल वसूली, एनएच-20 पर यातायात और सड़क के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

सर्विस लेन से वाहन चालकों को राहत
भागन बिगहा के समीप सर्विस लेन चालू होने से पटना, बिहारशरीफ और नवादा के साथ-साथ रांची तथा कोलकाता की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी वैकल्पिक मार्ग मिल गया है।

खासकर ट्रक, बस और ट्रेलर जैसे भारी वाहनों के लिए परिचालन खर्च महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में पैठना टोल प्लाजा से पहले वैकल्पिक रास्ता मिलने से वाहन चालकों को राहत महसूस हो रही है। बताया जा रहा है कि इस मार्ग पर फिलहाल टोल शुल्क नहीं लगने के कारण कई चालक इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
50 प्रतिशत वाहन टोल प्लाजा से नहीं गुजरने का दावा
स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि सर्विस लेन शुरू होने के बाद करीब 50 प्रतिशत वाहन पैठना टोल प्लाजा से गुजरने के बजाय वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की संख्या और वसूली में वास्तविक बदलाव का पता संबंधित विभाग के आंकड़ों से ही चल सकेगा।
इससे पहले भी भागन बिगहा के पास टोल शुल्क से बचने के लिए डिवाइडर के बीच कट बनाए जाने की बात सामने आई थी। बाद में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पुलिस के सहयोग से उसे दुरुस्त कराया था।
क्या पैठना टोल प्लाजा की कमाई पर पड़ेगा असर?
सर्विस लेन शुरू होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पैठना टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की संख्या में कमी आएगी। यदि वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल बढ़ता है, तो टोल वसूली पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
हालांकि, फिलहाल टोल राजस्व में किसी निश्चित गिरावट का दावा करने के लिए आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध होना जरूरी है। वाहनों की वास्तविक संख्या, टोल संग्रह और वैकल्पिक मार्ग के इस्तेमाल से जुड़े आंकड़े सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सड़क के रखरखाव और सुरक्षा पर भी नजर
सर्विस लेन से वाहन चालकों को राहत मिलने के बीच सड़क के रखरखाव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत, सुरक्षा और नियमित रखरखाव की व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
हालांकि, टोल वसूली में संभावित बदलाव का सड़क रखरखाव पर क्या असर पड़ेगा, यह संबंधित प्राधिकरण की व्यवस्था और आधिकारिक जानकारी पर निर्भर करेगा। सड़क पर यातायात का दबाव, वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा मानकों की निगरानी भी जरूरी है।
अब संबंधित विभाग के आंकड़ों का इंतजार
फिलहाल भागन बिगहा की सर्विस लेन वाहन चालकों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प बनकर सामने आई है। इससे लोगों को सुविधा मिल रही है, लेकिन इसके साथ टोल वसूली और सड़क प्रबंधन से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं।
अब नजर इस बात पर है कि पैठना टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की संख्या में कितना बदलाव आता है, वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कितने वाहन करते हैं और संबंधित विभाग इस व्यवस्था को लेकर क्या जानकारी देता है।
(वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट)


