
Jharkhand: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ में शिक्षा विभाग के स्तर पर बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। हाईकोर्ट के आदेश और सरकार के निर्देश के बाद गठित प्रमंडलीय स्थापना समिति की बैठक में लंबे समय से एक ही जगह पर पदस्थापित कर्मचारियों को इधर-उधर करने का फैसला लिया गया।

क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक (RJDE) कुमारी नीलम की अध्यक्षता में हुई प्रक्रिया के बाद 12 सितंबर को विभागीय स्तर पर कई कार्यालय आदेश जारी किए गए। तबादले का आधार कर्मचारियों का लंबे समय से एक ही पद या जिले में बने रहना और संवर्ग का निर्धारण रहा।

3 साल से एक ही जगह मे लिपिक भी बदलेज
प्रमंडल संवर्ग चुनने वाले ऐसे लिपिक, जो तीन साल से अधिक समय से एक ही कुर्सी पर काम कर रहे थे, उनका भी तबादला किया गया है। इस श्रेणी में हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो के कई कर्मचारी शामिल हैं।
धनबाद में मनीष कुमार, अरविंद कुमार, विवेक कुमार महतो, साजिद अंसारी और लोकेश कुमार का तबादला किया गया। वहीं हजारीबाग से अंकित कुमार, प्रमोद कुमार और सतीश पासवान को नई जगह भेजा गया है। कोडरमा, गिरिडीह, चतरा और बोकारो से भी लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित कर्मचारियों को बदला गया है।
6 और 8 साल से एक जिले में जमे कर्मियों का भी ट्रांसफर
तबादले की कार्रवाई सिर्फ एक ही कुर्सी पर लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही। एक ही जिले में छह साल से अधिक समय से पदस्थापित 27 लिपिकों को दूसरे जिलों में भेजा गया है।
हजारीबाग से कई कर्मचारियों को गिरिडीह, रामगढ़, कोडरमा और चतरा भेजा गया है। चतरा से कर्मचारियों का तबादला रामगढ़ और हजारीबाग किया गया, जबकि गिरिडीह से कई लिपिकों को हजारीबाग, धनबाद और बोकारो के अलग-अलग कार्यालयों में पदस्थापित किया गया है। धनबाद और रामगढ़ से भी कर्मचारियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है।
इसके अलावा आठ साल से एक ही जिले में जमे नौ लिपिकों का भी तबादला किया गया है। इनमें हजारीबाग, चतरा, धनबाद और बोकारो के कर्मचारी शामिल हैं। संजीव कुमार सिन्हा, प्रभात कुमार गिरि, आनंद कुमार भगत, गौरी शंकर, बिंदु कुमारी, श्यामल हलधर, सरोज कुमार, भूतनाथ मांझी और केशव कुमार इस सूची में शामिल हैं।
गंभीर बीमारी और दिव्यांगता वाले कर्मियों को राहत
तबादले की प्रक्रिया में गंभीर बीमारी और दिव्यांगता प्रमाण पत्र वाले कर्मचारियों को भी राहत दी गई है। ऐसे सात लिपिकों को उनकी सुविधा के अनुसार पदस्थापन दिया गया है।
इनमें राकेश रोशन, अरविंद कुमार सिंह, प्रेमिला देवी, आदित्य कुमार, सत्येंद्र उपाध्याय, निलिमा डॉली सिंह और निशी कुमारी शामिल हैं। विभाग की ओर से इन्हें अपेक्षाकृत सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापित किया गया है।
134 लिपिकों का संवर्ग तय, 102 को मिला प्रमंडल कैडर
इस पूरी प्रक्रिया में कुल 134 लिपिकों के संवर्ग का निर्धारण किया गया। इनमें 102 कर्मचारियों ने प्रमंडल संवर्ग चुना, जबकि 28 ने जिला संवर्ग का विकल्प लिया।
जिला संवर्ग चुनने वाले 28 लिपिकों में धनबाद के 10, गिरिडीह के 10, बोकारो के 3, हजारीबाग के 3, कोडरमा और रामगढ़ के एक-एक कर्मचारी शामिल हैं। इनमें से 26 को उनके आवंटित जिले में ही तत्काल पदस्थापित कर दिया गया है।
वहीं 102 लिपिकों को प्रमंडल संवर्ग घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि अब जरूरत के अनुसार इन कर्मचारियों की पोस्टिंग उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के किसी भी जिले में की जा सकेगी।
एक सप्ताह में नए स्थान पर योगदान का निर्देश
विभाग ने सभी संबंधित नियंत्री पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर उनके पुराने पद से विरमित कर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही सेवा पुस्तिका में नए संवर्ग की जानकारी दर्ज करना भी अनिवार्य किया गया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संवर्ग निर्धारण के बाद भविष्य में संवर्ग बदलने का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद
शिक्षा विभाग के इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से एक ही जगह पर जमे कर्मचारियों के तबादले से कार्यालयों में कामकाज की निगरानी, जवाबदेही और कार्यशैली में बदलाव आने की उम्मीद है।
हाईकोर्ट के निर्देश और सरकार की प्रक्रिया के तहत हुए इस संवर्ग निर्धारण और तबादले से उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सातों जिलों में शिक्षा विभाग की व्यवस्था को नए तरीके से संचालित करने की कोशिश की गई है।


