
पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के साथ छेड़खानी करने वालों के हाथ काटकर लाने वाले को दो लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। सांसद ने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई कानून के दायरे में ही होनी चाहिए।

पप्पू यादव मधेपुरा जिले के खुर्दा करुवैली गांव में आयोजित ‘खुर्दा महोत्सव’ के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। यहां उन्होंने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव की शुरुआत की और मेले के विभिन्न स्टॉलों व दुकानों का उद्घाटन किया।

छेड़खानी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात
खुर्दा महोत्सव के मंच से पप्पू यादव ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। इसी दौरान उन्होंने छेड़खानी करने वालों के हाथ काटकर लाने वाले को दो लाख रुपये देने की बात कही। उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को जन्म दिया है।
सांसद ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, किसी आरोपी को उसके प्रभाव या रसूख के आधार पर राहत नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने कानून के दायरे में कार्रवाई किए जाने की बात भी कही।
25 अक्टूबर तक चलेगा खुर्दा महोत्सव
मधेपुरा जिले की ईसराइन खुर्द पंचायत के खुर्दा करुवैली गांव में दुर्गा पूजा के अवसर पर खुर्दा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 17 से 25 अक्टूबर तक चलेगा। मेले में खेल, मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई है।
आयोजन के तहत 18 और 19 अक्टूबर को राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित होगी। वहीं, 20 और 21 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय पहलवानों के बीच कुश्ती दंगल होगा। 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई के कलाकारों और भोजपुरी सितारों की प्रस्तुतियां होंगी। मेले में राम झूला, मौत का कुआं और सर्कस भी लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह देखा जा रहा है।
भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम
महोत्सव में उत्तर बिहार के विभिन्न इलाकों से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए मेला परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। इसके अलावा, लोगों की सुविधा के लिए मुफ्त स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया है, जहां जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
युवा आंदोलनों और सरकार की नीतियों पर भी उठाए सवाल
इससे पहले पूर्णिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पप्पू यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों और विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश में हुए युवा आंदोलनों का जिक्र करते हुए भारत में प्रदर्शन करने वाले युवाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल खड़े किए।
सांसद ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को युवाओं की मांगों तथा उनकी आवाज पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत पड़ोसी देशों की नई राजनीतिक व्यवस्थाओं के साथ कूटनीतिक संबंध रखता है, तो देश में प्रदर्शन करने वाले युवाओं के प्रति सख्ती क्यों बरती जाती है।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी का आरोप
पप्पू यादव ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि युवा आंदोलनों को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। इसके लिए उन्होंने 1 लाख 68 हजार जवानों की तैनाती का आंकड़ा दिया, हालांकि इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ युवतियों के साथ थाने में बदसलूकी की गई। उन्होंने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों पर भी प्रदर्शनकारी युवतियों के कपड़े फाड़ने और उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आवाज उठाना क्या अपराध है? साथ ही, उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ हुए कथित व्यवहार पर जवाब देने की मांग की।
भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी और प्रशांत किशोर पर भी निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव ने भाजपा की गठबंधन राजनीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को भी निशाने पर लिया।
सांसद के बयानों में महिलाओं की सुरक्षा, युवा आंदोलन और लोकतांत्रिक अधिकार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। खुर्दा महोत्सव में छेड़खानी करने वालों को लेकर दिया गया उनका बयान अब चर्चा का विषय बना हुआ है।


