
आरा: भोजपुर जिले के आरा स्थित नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस जांच में किसी ठोस नतीजे की जानकारी सामने नहीं आई है। इस बीच हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

बिहार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
परिजनों से बातचीत के बाद आरके सिंह ने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्याकांड में कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मांग की कि जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। उन्होंने मुफस्सिल थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजने की भी मांग की। आरके सिंह ने आरोप लगाया कि अपराधियों के साथ मिलीभगत कर रामकुमार सिंह की हत्या कराई गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
अंचलाधिकारी की भूमिका की जांच की मांग
आरके सिंह ने उदवंतनगर के अंचलाधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रामकुमार सिंह के ससुराल पक्ष की जमीन से जुड़े दस्तावेजों में कथित हेराफेरी की गई और भूमाफियाओं की मिलीभगत से जमीन बेचने का मामला सामने आया है।
उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बिहार सरकार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री से भी मामले में संज्ञान लेने की अपील की।
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रामकुमार सिंह हत्याकांड में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने हत्या की साजिश में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा।
आरके सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर भोजपुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी बातचीत की है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। फिलहाल, मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।


