
Bokaro: जब करीब डेढ़ महीने पहले बोकारो के युवाओं की मुलाकात जिला प्रशासन के अधिकारियों से हुई थी, तो उनके चेहरे पर एक नई उम्मीद थी। अफसरों ने भरोसा दिलाया था कि 45 दिनों के भीतर होमगार्ड भर्ती की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। युवाओं ने कैलेंडर की तारीखें गिनीं और दिन बीतते गए। लेकिन तय वक्त निकल जाने के बाद भी जब विज्ञापन जारी नहीं हुआ, तो युवाओं का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। अपने भविष्य को लेकर चिंतित युवा शनिवार को एक बार फिर अपनी मांग लेकर सीधे बोकारो उपायुक्त के दफ्तर पहुंच गए।

189 खाली पदों के लिए भटक रहे हैं युवा
बोकारो जिले में होमगार्ड जवानों के कुल 1974 स्वीकृत पद हैं, लेकिन मौजूदा समय में 1785 जवान ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसका मतलब है कि जिले में पूरे 189 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इन खाली पदों को भरने के लिए क्षेत्र के बेरोजगार युवा लगातार आवाज उठा रहे हैं और इससे पहले भी आंदोलन कर चुके हैं। युवाओं का कहना है कि एक तरफ पदों की कमी है और दूसरी तरफ तैयारी में जुटे युवाओं की उम्र निकल रही है, ऐसे में बहाली की प्रक्रिया को अटकाना समझ से परे है।

स्थानीय और ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग
शनिवार को उपायुक्त से मुलाकात के दौरान युवाओं ने अपनी मांगों को मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि इस नई भर्ती प्रक्रिया में बोकारो जिले के ग्रामीण इलाकों के रहने वाले स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। गांव-देहात के युवा लंबे समय से मैदान में पसीना बहाकर शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, इसलिए इस अवसर पर पहला अधिकार यहीं के नौजवानों का होना चाहिए।
मांग न पूरी होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन का अल्टीमेटम
वार्ता के दौरान युवाओं ने जिला प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अधिसूचना जारी कर प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। दूसरी तरफ, उपायुक्त ने युवाओं की बात सुनने के बाद उन्हें भरोसा दिलाया है कि नोटिफिकेशन जारी करने की प्रक्रिया पर जल्द काम शुरू होगा। अब देखना यह है कि 189 पदों के लिए यह अधिसूचना कब तक सामने आती है और युवाओं का यह इंतजार कब खत्म होता है।


