
Gumla News: गुमला जिला मुख्यालय में सोमवार की शाम ओबीसी समाज के अधिकारों को लेकर जबरदस्त हलचल देखने को मिली। केंद्रीय पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग हाथों में मशालें लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए पुतला दहन किया और अपने संवैधानिक अधिकारों के समर्थन में जमकर नारे लगाए।

आरक्षण और पेसा कानून में हिस्सेदारी की मांग
समिति का स्पष्ट कहना है कि राज्य में पिछड़ा वर्ग को नौकरियों में आरक्षण, राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व और पेसा कानून के तहत जरूरी अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने मांग उठाई कि जारी जनगणना में ओबीसी के लिए अलग से कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि समाज को उसकी वास्तविक आबादी के अनुसार संवैधानिक अधिकार मिल सकें।

5 जिलों में चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति
केंद्रीय पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति ने साफ किया है कि यह लड़ाई केवल एक जिले तक सीमित नहीं है। गुमला समेत रांची, खूंटी, सिमडेगा और लोहरदगा में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की रूपरेखा तय की गई है। 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस के बाद अब 6 अक्टूबर को संपूर्ण चक्का जाम और बाजार बंद कराने का आह्वान किया गया है, जिसके चलते प्रशासन भी अलर्ट मोड में है।
7 अक्टूबर को धरना और डीसी को ज्ञापन
आंदोलन के तीसरे चरण में 7 अक्टूबर को जिला मुख्यालय के समक्ष सांकेतिक धरना दिया जाएगा। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघर्ष समिति ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और बंद का समर्थन करने की अपील की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि एंबुलेंस, मेडिकल और अन्य जरूरी सेवाओं को इस बंद से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा।


