
Ranchi: JSSC CGL पेपर लीक मामले में CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने नौकरी के नाम पर उगाही करने वाले एक बड़े नेटवर्क की परतें खोली हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपी मुन्ना सिंह की भूमिका की जांच के दौरान सामने आया है कि उसने कैंडिडेट्स से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे वसूले थे। मुन्ना सिंह ने पूछताछ में दावा किया था कि उसने 16 जनवरी 2026 को कुंदन कुमार से अपने खाते में 5 लाख रुपये पिता के इलाज के लिए ‘फ्रेंडली लोन’ के तौर पर लिए थे। हालांकि एसआईटी की जांच में यह दावा झूठा निकला और सामने आया कि मुन्ना सीधे तौर पर पेपर लीक और सवाल रटाने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ था।

कोलकाता के होटल में कैंडिडेट्स को रटाए गए थे सवाल
एसआईटी के अनुसार, मुन्ना सिंह इस पूरे खेल में अमित सिंह, कुंदन कुमार और अमित लकड़ा जैसे अन्य आरोपियों के साथ मिलकर काम कर रहा था। मुन्ना ने ही बाकी साथियों के साथ मिलकर कोलकाता के होटल एनके-07 में कई कैंडिडेट्स को इकट्ठा किया था। यह वही ठिकाना था, जहां परीक्षा से ठीक पहले कैंडिडेट्स को लीक प्रश्न-पत्र और उनके उत्तर रटाए जा रहे थे।

कैंडिडेट्स के ओरिजिनल सर्टिफिकेट और पैसों का लेन-देन
सीआईडी की पूछताछ के दौरान आरोपी मुन्ना ने स्वीकार किया है कि वह उम्मीदवारों की व्यवस्था करने, प्रति उम्मीदवार डील फाइनल करने, उनके ओरिजिनल एकेडमिक सर्टिफिकेट जमा कराने और पैसों के लेन-देन में शामिल था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने कैंडिडेट्स से कैश और बैंक ट्रांसफर के जरिए मोटी रकम ली और फिर उसे गिरोह के बाकी सदस्यों में बांटा। सीआईडी के मुताबिक, यह नेटवर्क कोलकाता, आसनसोल और अन्य कई सेंटर्स पर सक्रिय था, जहां कैंडिडेट्स को लीक कंटेंट दिया गया था।
दो इंश्योरेंस एजेंटों की एंट्री, लाखों के चेक बरामद
इस मामले की जांच आगे बढ़ने पर सीआईडी की एसआईटी को दो बीमा एजेंटों, संदीप कुमार और धर्मराज कुमार की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। दोनों का सीधा कनेक्शन पेपर लीक गैंग के सदस्यों से सामने आया है। तलाशी के दौरान धर्मराज के पास से दो ब्लैंक चेक मिले हैं, जो अभ्यर्थियों से गारंटी के तौर पर लिए गए थे। वहीं, संदीप कुमार के पास से राजेश कुमार यादव का 9 लाख रुपये का और नौखीलाल यादव का 8.40 लाख रुपये का बेयरर चेक बरामद किया गया है। एसआईटी ने दोनों एजेंटों के मोबाइल फोन जब्त कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।


