
Ranchi news; वाहन चेकिंग के दौरान देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामदगी के मामले में सजा काट रहे दो युवकों को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है। रांची के अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने लुकास होरो और नितेश केरकेट्टा की ओर से दाखिल क्रिमिनल अपील को स्वीकार करते हुए दोनों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों युवकों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

निचली अदालत के फैसले को दी गई थी चुनौती
अपीलकर्ताओं के अधिवक्ता पीयूष मिश्रा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि निचली अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए तीन तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के इस आदेश के खिलाफ अपर न्यायायुक्त की अदालत में क्रिमिनल अपील दाखिल की गई थी। अदालत में बचाव पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों पर गौर करने के बाद अदालत ने दोनों को बरी करने का आदेश सुनाया, जिससे उन्हें तीन साल की कैद से पूरी तरह राहत मिल गई।

12 माइल चौक पर चेकिंग के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
अभियोजन पक्ष की ओर से दर्ज मामले के मुताबिक यह पूरी घटना 25 सितंबर 2025 की है। रांची खूंटी मुख्य मार्ग पर स्थित 12 माइल चौक के पास पुलिस टीम नियमित वाहन जांच कर रही थी। उसी दौरान संदिग्ध अवस्था में जा रहे लुकास होरो और नितेश केरकेट्टा को रोका गया था। तलाशी के दौरान उनके पास से एक देसी कट्टा और कारतूस बरामद होने का दावा करते हुए पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब ऊपरी अदालत ने दोनों को दोषमुक्त करार दे दिया है।


