
Ramgarh: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शनिवार को अपने पैतृक गांव नेमरा में मां स्वर्गीय रूपी सोरेन का दशकर्म संस्कार पूरा किया। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उन्होंने स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार सभी पारंपरिक रस्में निभाईं। इस बीच नेमरा में संस्कार भोज की तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री खुद आयोजन की व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी न हो।

रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर इन दिनों रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। अलग-अलग इलाकों से लोग यहां पहुंचकर मुख्यमंत्री और उनके परिवार से मुलाकात कर रहे हैं। साथ ही उनकी मां रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देकर परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।

परिवार और ग्रामीणों के साथ निभाईं रस्में
शनिवार, 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी मां का दशकर्म संस्कार पूरे विधि-विधान से संपन्न किया। इस दौरान परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में नेमरा के ग्रामीण मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय सामाजिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार दशकर्म से जुड़ी सभी रस्में पूरी कीं। इस दौरान परिवार और गांव के लोगों ने भी पारंपरिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया।
संस्कार भोज की तैयारियों पर खुद रख रहे नजर
मां रूपी सोरेन की याद में आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन खुद तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। उनका विशेष ध्यान इस बात पर है कि संस्कार भोज में आने वाले किसी भी व्यक्ति को असुविधा न हो।
आगंतुकों के लिए पंडाल, बैठने की व्यवस्था, भोजन, पीने का पानी, साफ-सफाई और रोशनी के इंतजाम किए जा रहे हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए भी व्यवस्था की गई है।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट
संस्कार भोज में आने वाले लोगों की संभावित भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी तैयारियां की हैं। नेमरा और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ यातायात और पार्किंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन की कोशिश है कि आयोजन स्थल तक आने-जाने में लोगों को परेशानी न हो और आसपास की सड़कों पर यातायात सामान्य बना रहे।
मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी की जा रही है, ताकि संस्कार भोज शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।


