Meerut : मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद अब उनकी 10 महीने की बेटी के भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

बच्ची की जिम्मेदारी लेने के लिए क्यों आगे आए फैजान अंसारी?
फैजान अंसारी के मुताबिक, वह मुस्कान की बेटी मन्नत उर्फ राधा के पालन-पोषण में मदद करना चाहते हैं. उनकी इच्छा है कि बच्ची की पढ़ाई, इलाज और भविष्य से जुड़ी जरूरतों का खर्च उठाया जाए. उन्होंने यहां तक कहा कि वह उसकी शादी तक की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं.

फैजान ने बताया कि उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति से संबंधित जानकारी भी अदालत के सामने रखने की बात कही है, ताकि उनकी क्षमता का आकलन किया जा सके.
उनका कहना है कि बच्ची के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है. हालांकि, उनकी ओर से जिम्मेदारी लेने की इच्छा जताने का मतलब यह नहीं है कि बच्ची की अभिरक्षा या कानूनी संरक्षकता उन्हें मिल गई है.
अदालत में आवेदन देने के बाद क्या होगा?
इस मामले में बच्ची के भविष्य का फैसला केवल किसी व्यक्ति की इच्छा के आधार पर नहीं किया जा सकता. मेरठ के जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे के अनुसार, इस संबंध में निर्णय लेते समय बच्ची की मां की इच्छा और संबंधित कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखना होगा.
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन के माध्यम से बच्ची को आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत विचार किया जा सकता है.
इसलिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फैजान के प्रस्ताव पर संबंधित अधिकारी और अदालत क्या रुख अपनाते हैं. फिलहाल, उनके आवेदन देने के दावे से आगे किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है.
जेल में हुआ था बच्ची का जन्म
मुस्कान रस्तोगी अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में गिरफ्तार होने के समय गर्भवती थी. पुलिस के मुताबिक, उसने जेल में ही बेटी को जन्म दिया था. बच्ची का नाम मन्नत उर्फ राधा बताया गया है.
जन्म के बाद से बच्ची अपनी मां के साथ मेरठ जिला जेल में रह रही है. जेल नियमों के तहत छह साल तक के बच्चे कुछ शर्तों के साथ अपनी जेल में बंद मां के साथ रह सकते हैं. फिलहाल, बच्ची की देखभाल की मौजूदा व्यवस्था में तत्काल बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है.
मां को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद बच्ची की आगे की परवरिश को लेकर सवाल उठने लगे हैं. ऐसे में फैजान अंसारी का प्रस्ताव चर्चा का विषय बन गया है.
क्या है मेरठ का चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड?
सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया था. अभियोजन पक्ष के अनुसार, हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े करके उन्हें नीले ड्रम में छिपाया गया था.
इस मामले में अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाया. हालांकि, दोषियों के पास फैसले के खिलाफ उच्च अदालतों में अपील करने समेत अन्य कानूनी विकल्प उपलब्ध हैं.
बच्ची के भविष्य पर टिकी निगाहें
बच्ची अभी बहुत छोटी है और उसे सुरक्षित माहौल, नियमित देखभाल, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है. वहीं, फैजान अंसारी ने आर्थिक जिम्मेदारी उठाने की इच्छा जरूर जताई है, लेकिन अंतिम फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगा. फिलहाल, बच्ची के भविष्य को लेकर आगे होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं.


