पटना: दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज के रूप में चर्चित गंगा विलास मंगलवार को 15 यूरोपीय पर्यटकों को लेकर पटना पहुंचा। वाराणसी से शुरू हुई इस क्रूज यात्रा के दौरान पर्यटकों ने गंगा किनारे विजयदशमी के आयोजन का नजारा भी देखा। क्रूज को गायघाट स्थित भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के बंदरगाह से पूरब मीतन घाट के पास गंगा में रोका गया। यहां से क्रूज की छत पर मौजूद पर्यटक दूरबीन की मदद से भद्रघाट पर प्रतिमा विसर्जन और श्रद्धालुओं की भीड़ देखते नजर आए।

15 यूरोपीय पर्यटकों के साथ पटना पहुंचा क्रूज
भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के निदेशक अरविंद कुमार के अनुसार, कोलकाता से पटना पहुंचे गंगा विलास क्रूज पर यूरोपीय देशों के 15 पर्यटक सवार हैं। उन्होंने बताया कि गंगा के राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर यात्री और मालवाहक जहाजों का परिचालन बढ़ा है।

निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, क्रूज गुरुवार को पर्यटकों को लेकर वाराणसी के लिए रवाना होगा। यात्रा के दौरान पर्यटकों को बिहार के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों से परिचित कराने की योजना है।
गंगा किनारे विजयदशमी का नजारा देखे पर्यटक
पटना में ठहराव के दौरान विदेशी पर्यटकों ने गंगा के किनारे विजयदशमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को देखा। क्रूज की छत से पर्यटक दूरबीन के जरिए भद्रघाट पर हो रहे प्रतिमा विसर्जन और वहां जुटे श्रद्धालुओं की भीड़ का नजारा देखते रहे। गंगा के रास्ते यात्रा कर रहे पर्यटकों के लिए यह पड़ाव स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर बना।
पांच सितारा होटल जैसी सुविधाओं से लैस है गंगा विलास
गंगा विलास क्रूज में पांच सितारा होटल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें 50 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। क्रूज को नदी मार्ग से लंबी दूरी की पर्यटन यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
13 जनवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में इस क्रूज को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बाद से यह नदी पर्यटन और अंतरदेशीय जलमार्गों के जरिए यात्रा के लिए चर्चा में रहा है।
3,200 किलोमीटर की नदी यात्रा के लिए जाना जाता है क्रूज
गंगा विलास क्रूज भारत के कई राज्यों और बांग्लादेश के नदी मार्गों से होकर लंबी यात्रा करने के लिए जाना जाता है। इसके निर्धारित मार्ग में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम के जलमार्गों के साथ बांग्लादेश का हिस्सा भी शामिल है। यात्रा का अंतिम गंतव्य डिब्रूगढ़ बताया गया है।
करीब 3,200 किलोमीटर की इस यात्रा के जरिए पर्यटकों को नदी मार्ग से विभिन्न क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को देखने का अवसर मिलता है।
दिसंबर तक कई बार कोलकाता, पटना और वाराणसी के बीच आवाजाही
IWAI निदेशक के अनुसार, दिसंबर तक गंगा विलास क्रूज विदेशी पर्यटकों को लेकर कोलकाता, पटना और वाराणसी के बीच कई बार आवाजाही करेगा। इस तरह की यात्राओं से नदी पर्यटन को बढ़ावा देने और अंतरदेशीय जलमार्गों के इस्तेमाल को विस्तार देने की उम्मीद है। पटना में गंगा विलास का आगमन एक बार फिर शहर के गंगा घाटों और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को पर्यटकों के सामने लाने का अवसर बना।


