
मोतिहारी: शहर में ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखी चादरों की बिक्री का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। रघुनाथपुर के बाद चांदमारी इलाके में भी ऐसी चादरें बेचे जाने की शिकायत मिली, जिसके बाद पुलिस ने दो फेरीवालों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पूछताछ में बंजरिया थाना क्षेत्र के पंडाल चौक स्थित ॐ साईं टेक्सटाइल से चादरें खरीदने की बात सामने आई है। अब पुलिस इन चादरों के वास्तविक स्रोत और बाजार तक पहुंचने की पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगा रही है।

रघुनाथपुर के बाद चांदमारी में भी मिली शिकायत
एसपी स्वर्ण प्रभात के अनुसार, कुछ दिन पहले रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखा चादर बेचने का मामला सामने आया था। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। इसी बीच शनिवार को चांदमारी इलाके में भी ऐसी चादरों की बिक्री की सूचना मिली।

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो फेरीवालों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान पंडाल चौक स्थित ॐ साईं टेक्सटाइल का नाम सामने आया, जहां से फेरीवाले चादरें खरीदकर अलग-अलग इलाकों में बेचते थे।
देश-विदेश से आने वाली चादरों का दावा
पुलिस की पूछताछ में दोनों फेरीवालों ने कथित तौर पर बताया कि वे ॐ साईं टेक्सटाइल से चादरें खरीदकर फेरी लगाते हैं। उनके अनुसार, ये इस्तेमाल की हुई चादरें देश और विदेश के अलग-अलग हिस्सों से लाई जाती हैं।
हालांकि, चादरों की वास्तविक उत्पत्ति और उनकी आपूर्ति से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चादरें कहां से आती हैं और स्थानीय बाजार तक पहुंचने से पहले किन-किन माध्यमों से गुजरती हैं।
विदेश से बिहार तक कैसे पहुंच रहीं चादरें?
इस मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। यदि चादरें विदेश से इस्तेमाल की हुई वस्तुओं के रूप में लाई गई हैं, तो उनकी आपूर्ति किन रास्तों से होती है? उन पर ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखे होने का आधार क्या है? क्या ये किसी वैध आयात या पुराने कपड़ों की खेप का हिस्सा हैं, या फिर इनकी आपूर्ति में कोई अनियमितता हुई है?
पुलिस इन्हीं पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही, चादरों की खरीद-बिक्री में शामिल कारोबारियों और आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है। ॐ साईं टेक्सटाइल से जुड़े तथ्यों और आपूर्ति श्रृंखला की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी चादरों की असलियत
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि पुलिस दूसरे देशों से इस्तेमाल की हुई चादरों के यहां पहुंचने के माध्यम और स्थानीय बाजार में उनकी बिक्री से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल दो फेरीवालों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, चादरों पर पाकिस्तान का नाम लिखा होने मात्र से उनके अवैध आयात या किसी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े होने की पुष्टि नहीं होती। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चादरों की वास्तविक उत्पत्ति और उनकी आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।


