
Dr Bharti Kashyap: झारखंड की जानी-मानी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. भारती कश्यप को चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए एक और राष्ट्रीय सम्मान मिला है। विमेन ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट्स सोसाइटी ऑफ इंडिया ने उन्हें ‘स्पेशल लीडरशिप अवॉर्ड’ से सम्मानित किया है। डॉ. कश्यप के नेतृत्व में झारखंड में छह लाख से अधिक महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग और 25 लाख से ज्यादा स्कूली बच्चों की आंखों की जांच जैसे बड़े अभियान चलाए गए हैं। खास बात यह है कि इन अभियानों के जरिए दूर-दराज के गांवों और आदिवासी इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं। डॉ. कश्यप को वर्ष 2017 में राष्ट्रपति भवन में ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

डॉ. भारती कश्यप को यह सम्मान विमेन ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट्स सोसाइटी ऑफ इंडिया के उद्घाटन समारोह में दिया गया। ऑल इंडिया ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. डॉ. जे.एस. तितियाल और एशिया-पैसिफिक एसोसिएशन ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट्स की अध्यक्ष डॉ. आवा हुसैन ने उन्हें अवॉर्ड प्रदान किया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने और बच्चों की आंखों की रोशनी बचाने के लिए किए गए उनके काम को इस सम्मान का आधार बताया गया है।

पांच साल में करीब छह लाख महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग
डॉ. भारती कश्यप के नेतृत्व में IMA झारखंड विमेंस डॉक्टर्स विंग ने महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। अप्रैल 2021 से मई 2026 के बीच करीब छह लाख महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई। इसका मकसद महिलाओं में इस बीमारी के खतरे की समय रहते पहचान करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें इलाज उपलब्ध कराना था।
इस अभियान के तहत पाकुड़, संथाल परगना और कोल्हान जैसे दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इन शिविरों में महिलाओं की जांच के साथ उन्हें जरूरी सलाह और इलाज से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
अभियान का दायरा बढ़ने के बाद नेशनल हेल्थ मिशन ने भी IMA झारखंड विमेंस डॉक्टर्स विंग के साथ आधिकारिक साझेदारी की। इससे महिलाओं की स्वास्थ्य जांच को और बड़े स्तर पर पहुंचाने में मदद मिली।
25 लाख बच्चों की आंखों की जांच, जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मे
महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ डॉ. भारती कश्यप ने स्कूली बच्चों की आंखों की जांच को भी प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत सरकारी स्कूलों के 25 लाख से अधिक बच्चों की आंखों की जांच की गई।
इस दौरान जिन बच्चों की नजर कमजोर पाई गई, उन्हें जरूरत के अनुसार मुफ्त चश्मे उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा मोतियाबिंद से पीड़ित सैकड़ों बच्चों की सर्जरी भी कराई गई।
इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि आंखों की परेशानी किसी बच्चे की पढ़ाई में रुकावट न बने। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
पहले मिल चुका है नारी शक्ति पुरस्कार
डॉ. भारती कश्यप वर्तमान में IMA झारखंड विमेंस डॉक्टर्स विंग की अध्यक्ष हैं। इससे पहले वह IMA की राष्ट्रीय विमेंस डॉक्टर्स विंग में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके काम को देखते हुए वर्ष 2017 में उन्हें राष्ट्रपति भवन में ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था। अब ‘स्पेशल लीडरशिप अवॉर्ड’ मिलने से उनके नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है।
डॉ. कश्यप के नेतृत्व में चलाए गए स्वास्थ्य अभियानों की खास बात यह रही है कि इनका फोकस केवल अस्पतालों में आने वाले मरीजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांवों और सरकारी स्कूलों तक पहुंचकर जरूरतमंद लोगों की जांच और इलाज पर भी रहा।


