Bokaro News: दशहरा यानी महादशमी के मौके पर बोकारो में मां दुर्गा की विदाई का नजारा बेहद भव्य और भावनाओं से सराबोर नजर आया। पूजा पंडालों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच महिलाओं ने बड़े उत्साह के साथ सिंदूर खेला की रस्म अदा की। ढाक की गूंज और मां के जयकारों के बीच महिलाओं ने पहले मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया और फिर एक-दूसरे को लाल सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य, सुख-शांति और परिवार की समृद्धि की कामना की। हर तरफ लाल सिंदूर से सजे चेहरे और बजती ढाक की थाप ने पूरे माहौल को भक्ति और उत्सव के एक अलग ही रंग में रंग दिया।

नम आंखों से विदाई
जैसे-जैसे मां की प्रतिमा के विसर्जन की घड़ी करीब आती गई, पंडालों में मौजूद उल्लास भावुकता में बदलता चला गया। नौ दिनों तक बेटी की तरह पूजी गईं मां दुर्गा को विदा करते वक्त महिलाओं और श्रद्धालुओं की आंखें भर आईं। नम आंखों और भारी मन से भक्तों ने मां को अंतिम प्रणाम किया और अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना की। विदाई के इस मार्मिक पल में हर किसी के दिल में मां के बिछड़ने की टीस के साथ-साथ अगले साल उनके दोबारा आगमन की गहरी उम्मीद साफ झलक रही थी।


