West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम जिले में सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतने, लंबे समय से गैरहाजिर रहने और नियुक्ति के बाद योगदान नहीं देने के गंभीर मामलों में जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत संविदा पर तैनात 15 ग्राम रोजगार सेवकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि इन हटाए गए कर्मियों की जगह दिसंबर 2025 में तैयार की गई प्रतीक्षा सूची से 15 नए अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा। यह पूरी कार्रवाई संविदा कर्मियों के कामकाज की व्यापक समीक्षा के बाद की गई है।

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद भी छह ने नहीं किया था योगदान
जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक दिसंबर 2025 में जिले में ग्राम रोजगार सेवक के पद पर संविदा आधारित बहाली के लिए 23 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटे गए थे। हैरानी की बात यह रही कि इनमें से छह अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र हासिल करने के बावजूद जिले में अपनी सेवा शुरू करने के लिए योगदान ही नहीं दिया। काफी समय तक इंतजार करने के बाद आखिरकार प्रशासन ने इन सभी छह कर्मियों की सेवा समाप्त करने का फैसला ले लिया।

कार्यस्थल से गायब मिले सात, दो के काम में मिली भारी ढिलाई
जांच के दौरान विभिन्न प्रखंडों में तैनात सात ग्राम रोजगार सेवक बिना किसी सूचना के अपने कार्यस्थल से लगातार नदारद पाए गए। इनमें जगन्नाथपुर प्रखंड का एक, हाटगम्हरिया के दो, नोवामुंडी का एक, कुमारडुंगी का एक और टोंटो प्रखंड के दो कर्मचारी शामिल हैं। इसके साथ ही सदर चाईबासा प्रखंड में पदस्थापित दो अन्य ग्राम रोजगार सेवकों के कामकाज की समीक्षा की गई, जिसमें उनका प्रदर्शन तय मानकों और लक्ष्यों के बेहद निराशाजनक मिला। इस तरह कुल 15 कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
योजनाओं को रफ्तार देने के लिए वेटिंग लिस्ट से होगी बहाली
जिला प्रशासन ने ग्रामीण विकास से जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि फील्ड में तैनात कर्मियों की नियमित मौजूदगी और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है ताकि आम जनता को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। खाली हुए इन 15 पदों पर प्रतीक्षा सूची से नए योग्य अभ्यर्थियों को तुरंत बहाल किया जाएगा ताकि विकास कार्यों में किसी भी तरह की रुकावट न आए।


