दवा की आपूर्ति किए बिना करोड़ों के भुगतान का आरोप
सीबीआई की जांच के अनुसार, सत्येंद्र कुमार और उसके पार्टनर दिनेश राय पर पशुपालन विभाग में दवाओं की आपूर्ति किए बिना करोड़ों रुपये का भुगतान लेने का आरोप है। वर्ष 2001 में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद दोनों फरार हो गए थे। बाद में दिनेश राय को गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत उसे सजा सुना चुकी है।


अदालत ने घोषित किया था भगोड़ा
सत्येंद्र कुमार लंबे समय से सीबीआई की गिरफ्त से बाहर था। विशेष अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। सीबीआई चारा घोटाले से जुड़े मामलों में उसकी तलाश कर रही थी।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई गिरफ्तारी
जांच एजेंसी को पहले सूचना मिली थी कि सत्येंद्र नेपाल में रहकर दवा का कारोबार कर रहा है। हाल में उसके भारत आने की जानकारी मिलने के बाद सीबीआई ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। जांच के दौरान पता चला कि वह 22 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के गुना से लखनऊ जा रहा है।
इसी सूचना के आधार पर सीबीआई ने विशेष टीम गठित की और लखनऊ रेलवे स्टेशन पर उसे गिरफ्तार कर लिया। अब उसे रांची लाकर विशेष अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।


