बिहार के कटिहार में विजयदशमी के मौके पर विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। जहां विजयदशमी पर परंपरागत रूप से रावण दहन किया जाता है, वहीं कटिहार में इस बार चुनाव आयोग के विरोध को लेकर एक अलग आयोजन देखने को मिला। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यशैली और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए।

विजयदशमी पर पुतला दहन कर जताई नाराजगी
कटिहार में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व राज्य मंत्री राम प्रकाश महतो, पूर्व विधायक महबूब आलम और राजद के प्रदेश महासचिव समरेंद्र कुणाल समेत विपक्षी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर चुनाव आयोग के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। विजयदशमी के अवसर पर किए गए इस विरोध प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाने की कोशिश की।
चुनाव आयोग की कार्यशैली पर उठाए सवाल
प्रदर्शन में शामिल विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका और कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्पक्ष तरीके से करना चाहिए। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आई है।
सरकार पर भी साधा निशाना
विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने सरकार पर भी निशाना साधा। उनका विरोध चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा।
इस आयोजन के जरिए विपक्ष ने यह संदेश देने की कोशिश की कि चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर उसकी आपत्तियां सार्वजनिक बहस का हिस्सा बननी चाहिए। हालांकि, प्रदर्शन में लगाए गए आरोपों और उनके आधार से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कटिहार में राजनीतिक चर्चा का विषय बना प्रदर्शन
विजयदशमी के पारंपरिक आयोजन के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कटिहार में चर्चा का विषय बन गया। इस घटना ने त्योहार के दौरान राजनीतिक विरोध के एक अलग स्वरूप को सामने रखा।
फिलहाल, इस प्रदर्शन पर सरकार या चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। आगे इस मामले पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आने के बाद विवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।


