China: चीन के तिब्बत क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. अचानक आए झटकों के बाद कई इमारतें ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए. इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 46 लोग घायल बताए जा रहे हैं. प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है.

मलबे में तब्दील हुए कई मकान
भूकंप का असर नागकू शहर और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिला। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में लगभग 339 मकान और पशुओं के लिए बनाए गए 20 शेड गिर गए. इससे कई परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है.

घायलों में 11 लोगों की स्थिति गंभीर बताई गई है. अन्य 35 लोगों को भी चोटें आई हैं. प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है, ताकि जरूरत के मुताबिक सहायता पहुंचाई जा सके.
हजारों लोगों तक मदद पहुंचाने की तैयारी
भूकंप के बाद राहत कार्यों के लिए 1,600 से अधिक कर्मियों को लगाया गया है. प्रभावित परिवारों को खुले में रहने से बचाने के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था की जा रही है. इसके तहत 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड आवासीय इकाइयां और करीब 3,000 टेंट उपलब्ध कराए गए हैं.
जरूरतमंदों के लिए बिस्तर, गर्म कपड़े और टॉर्च जैसी जरूरी चीजें भी भेजी गई हैं. बचाव दलों का काम प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाना और घायलों को उपचार उपलब्ध कराने में मदद करना है.
भूकंप के बाद यातायात व्यवस्था पर असर
प्राकृतिक आपदा का असर सड़क और रेल यातायात पर भी पड़ा है. चट्टानें खिसकने के कारण नेशनल हाईवे-317 के एक हिस्से को बंद करना पड़ा. इस रास्ते पर फिलहाल राहत अभियान से जुड़े वाहनों और आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है.
कुछ क्षेत्रों में संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. वहीं, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे अधिकारियों ने प्रभावित इलाके से गुजरने वाली ट्रेनों के परिचालन को लेकर जरूरी कदम उठाए हैं.
सात आफ्टरशॉक भी किए गए दर्ज
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक रात करीब 10:33 बजे आया था. इसकी तीव्रता 7 दर्ज की गई. भूकंप का केंद्र नागकू शहर से लगभग 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में और जमीन से करीब 18 किलोमीटर नीचे था.
मुख्य झटके के बाद क्षेत्र में कई बार धरती फिर से कांपी. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 4.3 से 5.2 तीव्रता के कम से कम सात आफ्टरशॉक दर्ज किए गए. इससे प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
बर्फबारी से राहत अभियान में आ सकती है बाधा
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में रुक-रुककर बर्फबारी होने का अनुमान जताया है. खराब मौसम के कारण राहतकर्मियों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है. ऐसे में बचाव कार्यों के साथ-साथ लोगों को ठंड से बचाने के इंतजाम भी जरूरी हो गए हैं.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रभावित लोगों को बचाने और घायलों के इलाज के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं. चीन के सरकारी प्रसारक CCTV के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में आया यह सबसे शक्तिशाली भूकंप है.
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना, घायलों का उपचार सुनिश्चित करना और बेघर परिवारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है.


