Homeझारखंडअरे भाई!, रांची का यह पंडाल तो सच में Next Level निकला...,...

अरे भाई!, रांची का यह पंडाल तो सच में Next Level निकला…, मां दुर्गा के साथ देवेन्द्र नाथ महतो की प्रतिमा देखने उमड़ी युवाओं की भीड़

Published on

spot_img
spot_img
- Advertisement -

Ranchi: राजधानी रांची के नामकुम रेलवे स्टेशन के समीप स्थित जय माता दी क्लब का दुर्गा पूजा पंडाल इस वर्ष श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आयोजकों ने राजस्थान के विश्वप्रसिद्ध हवा महल के प्रारूप पर इस भव्य और कलात्मक पंडाल का निर्माण कराया है। पंडाल में माँ दुर्गा के दर्शन के साथ-साथ सामाजिक, पारिवारिक और मानवीय मूल्यों को बेहद संजीदगी से प्रस्तुत किया गया है, जो पारंपरिक पूजा पंडालों से हटकर एक नई मिसाल पेश कर रहा है।

- Advertisement -

छात्र आंदोलनकारी देवेन्द्र नाथ महतो की प्रतिमा की चर्चा

- Advertisement -

पंडाल परिसर में विभिन्न सामाजिक संदेशों को समर्पित आठ प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिनमें माता-पिता के प्रति सम्मान, माँ की ममता, बच्चों की परवरिश और उच्च शिक्षा व संस्कारों को दर्शाया गया है। इन्हीं प्रतिमाओं के बीच झारखंड के चर्चित छात्र आंदोलनकारी, जेएलकेएम (JLKM) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष और युवाओं के बीच दिशुम वीर बाबू के नाम से पहचाने जाने वाले देवेन्द्र नाथ महतो की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। इस प्रतिमा को देखने के लिए बड़ी संख्या में युवा और आम श्रद्धालु उत्सुकता से पहुंच रहे हैं।

छात्र हितों और पारदर्शी भर्ती के संघर्ष का सफर

देवेन्द्र नाथ महतो झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC-JSSC) में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और युवाओं के अधिकारों के लिए एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। उन्होंने भर्ती व्यवस्था में सुधार को लेकर 26 दिनों का सत्याग्रह, 16 दिनों की भूख हड़ताल और राज्य के सभी 24 जिलों में जनजागरण यात्रा की थी। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनसमस्याओं को उठाने के कारण उनके समर्थक उन्हें ‘झारखंड के सोनम वांगचुक’ और सामाजिक सुधारक की संज्ञा देते हैं। इसके अलावा वे मजदूरों के वेतन, बोनस और अधिकारों के लिए भी लगातार मुखर रहे हैं। नामकुम पंडाल में उनकी प्रतिमा को उनके इसी सार्वजनिक संघर्ष के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

एक ही परिसर में संस्कार से संघर्ष तक का संदेश

क्लब के अध्यक्ष विनोद सिंह ने अपने माता-पिता रामा देवी और कैलास सिंह की प्रतिमाएं स्थापित कर परिवार और माता-पिता के प्रति सम्मान का संदेश दिया है, वहीं देवेन्द्र नाथ महतो की प्रतिमा के जरिए समाज के प्रति समर्पण और संघर्ष की भावना को जोड़ा गया है। पूरे पंडाल का विचार यह स्पष्ट करता है कि परिवार से मिलने वाले मजबूत संस्कार ही व्यक्ति को समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत देते हैं। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों का यह अनूठा संगम राजधानी के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

ताज़ा ख़बरें...

ग्रेटर नोएडा में एक ही घर में मिले 5 शव, रात में नूडल्स खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत

Greater Noida news: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नागला श्री पदम गांव...

भरण-पोषण न देने पर अधिकतम सजा केवल 1 महीना, बार-बार हिरासत गैर-कानूनी

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने वैवाहिक भरण-पोषण (मेंटेनेंस) से जुड़े एक मामले में...

रांची में दुर्गा पूजा पंडाल के पीछे चल रही थी शराब की बिक्री, पुलिस ने छापा मारा तो…

Ranchi: राजधानी रांची में दुर्गा पूजा पंडाल के पीछे एक जनरल स्टोर से अवैध...

रांची की मशहूर डॉक्टर भारती कश्यप को मिला राष्ट्रीय अवॉर्ड, गांव-गांव पहुंचकर बदली लाखों लोगों की जिंदगी

Dr Bharti Kashyap: झारखंड की जानी-मानी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. भारती कश्यप को चिकित्सा...

ये भी पढ़ें...

ग्रेटर नोएडा में एक ही घर में मिले 5 शव, रात में नूडल्स खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत

Greater Noida news: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नागला श्री पदम गांव...

भरण-पोषण न देने पर अधिकतम सजा केवल 1 महीना, बार-बार हिरासत गैर-कानूनी

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने वैवाहिक भरण-पोषण (मेंटेनेंस) से जुड़े एक मामले में...

रांची में दुर्गा पूजा पंडाल के पीछे चल रही थी शराब की बिक्री, पुलिस ने छापा मारा तो…

Ranchi: राजधानी रांची में दुर्गा पूजा पंडाल के पीछे एक जनरल स्टोर से अवैध...