
Ranchi: रांची में गोलीबारी, रंगदारी वसूली और जानलेवा हमले के गंभीर मामले में न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी जावेद अनवर को अदालत से बड़ा झटका लगा है। न्यायायुक्त एके मिश्रा-1 की अदालत ने मामले की गंभीरता और रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों को देखते हुए आरोपी को जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थल पर हथियार लहराकर दहशत फैलाने और फायरिंग करने जैसे संगीन मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा सकती।

डोरंडा में ताबड़तोड़ फायरिंग
मामले के सूचक मोहम्मद सोयम गद्दी के अनुसार यह पूरी वारदात 13 सितंबर को घटी थी। आरोप है कि डोरंडा स्थित जैन मंदिर के पास जावेद अनवर, बाबर और उनके 30 से 35 हथियारबंद गुर्गों ने अचानक घेरकर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से एक के बाद एक कई राउंड गोलियां दागीं, जिससे दिनदहाड़े इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के बीच खौफ पैदा कर रंगदारी वसूलने की मंशा से यह पूरी साजिश रची गई थी।

पुलिस को मिले कारतूस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की थी। तलाशी के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से 5 खाली खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद किया था, जिससे यह साबित हुआ कि इलाके में भारी तादाद में गोलियां चलाई गई थीं। पुलिस ने इस मामले में सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसे अब अदालत ने किसी भी तरह की कानूनी राहत देने से मना कर दिया है।


