धमाके से ढह गया मकान, इलाके में मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 5 बजे अमीरुद्दीन अहमद के घर में पटाखा बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान बारूद में आग लगने से जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास के मकानों पर भी इसका असर पड़ा। शुरुआती विस्फोट के बाद भी लगातार धमाके होते रहे, जिससे राहत-बचाव कार्य में परेशानी हुई।


बुजुर्ग और दो बच्चों की मौत
हादसे में गृहस्वामी अमीरुद्दीन अहमद (70), खुशबू (10) और असद (8) की मौत हुई है। चौथे मृतक की पहचान की जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, घटना के समय घर में सात से अधिक लोग मौजूद थे। इनमें परिवार के सदस्य और पटाखा बनाने वाले मजदूर भी शामिल थे। एक बच्चे के लापता होने की भी सूचना है। प्रशासन ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।
20 से अधिक दमकल वाहन मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी नीलेश कुमार, जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य के लिए 20 से अधिक दमकल वाहनों को लगाया गया। पुलिस ने आसपास के इलाके की घेराबंदी की, जबकि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू किए।
थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित
हादसे के बाद प्रशासन ने जामो बाजार थानाध्यक्ष धीरज कुमार और संबंधित चौकीदार को निलंबित कर दिया है। महाराजगंज के एसडीपीओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। पुलिस पटाखा निर्माण के लाइसेंस, बारूद के भंडारण और सुरक्षा मानकों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
20 साल से पटाखा बनाने की बात आई सामने
ग्रामीणों का कहना है कि आलमपुर गांव में पिछले करीब 20 वर्षों से कई घरों में पटाखे बनाने का काम किया जाता रहा है। इस घटना के बाद संबंधित घर में पटाखा निर्माण की वैध अनुमति और बारूद के भंडारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, लाइसेंस होने या नहीं होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों की तलाश और राहत-बचाव कार्य है। विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।


