
छपरा: दशहरे को लेकर छपरा में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर के राजेंद्र स्टेडियम में इस बार 90 फीट ऊंचे रावण और 80 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतले का दहन किया जाएगा। शाम 5 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में रंग-बिरंगी रोशनी, ई-पटाखे और आकर्षक आतिशबाजी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

रावण दहन में दिखेगी सामाजिक सौहार्द की मिसाल
छपरा का रावण दहन कार्यक्रम केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल भी पेश करता है। रावण पतन समिति की अध्यक्षता बिहार मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष और बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति शमीम परवेज कर रहे हैं। आयोजन में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की परंपरा देखने को मिलती है।

इस बार आयोजन में ‘लोकल फॉर वोकल’ की भावना को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत स्थानीय कलाकारों को विशालकाय पुतले तैयार करने का अवसर दिया गया है। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का मंच मिल रहा है।
पर्यावरण का भी रखा जा रहा ध्यान
दशहरा आयोजन को आकर्षक बनाने के साथ पर्यावरण का ध्यान रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए ई-पटाखों के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जा रही है। रंग-बिरंगी रोशनी और आतिशबाजी के बीच रावण और मेघनाथ के पुतलों का दहन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा।
इस तरह छपरा का दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश के साथ सामाजिक सौहार्द, हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की परंपरा को भी मजबूत करेगा।
(मनोज कुमार सिंह की रिपोर्ट)


