
Juhu Firing: मुंबई के जुहू इलाके में शनिवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर अचानक ताबड़तोड़ गोलियां चला दी गईं। अभिनेता फुटबॉल खेलकर लौट रहे थे, तभी एक बाइक पर सवार होकर आए तीन हमलावरों में से दो युवकों ने उनकी कार को निशाना बनाते हुए सात राउंड गोलियां दाग दीं। इस अचानक हुए हमले में गोली के छर्रों और टूटे हुए कांच के टुकड़ों से टाइगर के हाथ में हल्की चोट आई, जबकि कार चला रहा ड्राइवर गोली लगने से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद तीनों हमलावर बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।

विदेश में नौकरी और पैसों का लालच देकर कराया हमला
पुलिस की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पकड़े गए तीनों हमलावरों को यह हमला करने के बदले विदेश में अच्छी नौकरी दिलवाने और मोटी रकम देने का झांसा दिया गया था। जांच में सामने आया कि बिहार के बेगूसराय के रहने वाले 22 साल के ऋतिक उर्फ रोशन और हरियाणा के सोनीपत निवासी 18 वर्षीय रेहान और फूल सिंह को काम के लिए एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये दिए गए थे। रकम की आवाजाही पर किसी को शक न हो, इसलिए यह पैसा अलग अलग किस्तों में भेजा गया था। हमलावरों से वादा किया गया था कि काम पूरा होते ही उन्हें बाकी रकम और विदेश का टिकट थमा दिया जाएगा।

ऑडियो क्लिप जारी कर हमले की ली जिम्मेदारी
वारदात के थोड़ी ही देर बाद सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप वायरल होने लगी, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। ऑडियो में खुद को अनिल पंडित बताते हुए एक शख्स ने कहा कि वह लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई जैसा है और उसने हरमन संधू के साथ मिलकर यह हमला करवाया है। ऑडियो संदेश में बॉलीवुड के लोगों को चेतावनी देते हुए अभिनेता सलमान खान के साथ काम करने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई है। मुंबई पुलिस अब उस मुख्य हैंडलर और ऑडियो जारी करने वाले शख्स की तलाश में जुट गई है जिसने इन लड़कों को पैसे और हथियार मुहैया कराए थे।
नेपाल भागने की फिराक में थे, कोटा स्टेशन पर धरे गए
गोलीबारी करने के बाद तीनों आरोपियों ने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास अपनी बाइक छोड़ दी और वहां से जयपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ ली। शूटरों की योजना जयपुर और दिल्ली होते हुए सीमा पार नेपाल भाग जाने की थी। मुंबई क्राइम ब्रांच की करीब 20 विशेष टीमों ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर और मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर उनके भागने के रास्ते का पता लगा लिया। इसके बाद राजस्थान की कोटा पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजा गया, जिसने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को सोमवार सुबह कोटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के भीतर से धर दबोचा। पुलिस अब तीनों को रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क को खंगालने की तैयारी कर रही है।


