Ranchi: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को जैक सभागार में आयोजित अहम कार्यशाला के दौरान साफ कर दिया गया कि परीक्षा में प्रश्न पत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

किसी भी स्तर पर जरा सी भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में राज्य भर के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और अपर समाहर्ता (ADMs) शामिल हुए, जिन्हें परीक्षा से जुड़े हर नियम का कड़ाई से पालन कराने का जिम्मा सौंपा गया।

भरोसा बनाए रखना बड़ी चुनौती
कार्यशाला में जैक अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने अधिकारियों से दो-टूक कहा कि मौजूदा दौर में भर्ती और पात्रता परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर अभ्यर्थियों और आम जनता की उम्मीदें काफी बढ़ चुकी हैं। ऐसे में जैक और प्रशासन दोनों की जवाबदेही पहले से कहीं ज्यादा हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा सामग्री के स्टोरेज, गाड़ियों में उनके ट्रांसपोर्टेशन और सेंटर्स तक डिलीवरी के दौरान तय किए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन होना चाहिए। सभी जिलों को समय रहते अपनी जमीनी तैयारियां मुकम्मल करने के निर्देश दिए गए हैं।
हर कदम की रिकॉर्डिंग
बैठक में तय हुआ कि प्रश्न पत्रों के ट्रेजरी में सुरक्षित रखने से लेकर सेंटर पर ले जाने और तय वक्त पर ही सीलबंद पैकेट खोलने तक, हर स्टेप पर पैनी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट और क्वेश्चन बुकलेट के वितरण, उपयोग और फिर उन्हें सील करके जमा कराने का एक-एक रिकॉर्ड दर्ज होगा। सेंटर्स पर किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों का खुद जाकर भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) करने को कहा गया है।
अधिकारियों के बीच रियल-टाइम तालमेल
JAC सचिव एस.डी. तिग्गा ने प्रशासनिक समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस, केंद्राधीक्षकों और वीक्षकों के बीच हर पल संपर्क बना रहना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा के दिन अगर कहीं भी किसी तरह की तकनीकी या लॉजिस्टिक परेशानी सामने आती है, तो बिना देर किए सीधे जैक मुख्यालय और आला अधिकारियों को सूचित किया जाए, ताकि मामले का ऑन-द-स्पॉट समाधान निकाला जा सके।


