Jharkhand news : झारखंड के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। जामताड़ा में दिए गए अपने बयान में उन्होंने बीजेपी नेताओं को कड़ी नसीहत देते हुए कहा है कि अगर सच में झारखंड से मोहब्बत है, तो सिर्फ सोशल मीडिया पर खेती की तस्वीरें डालने के बजाय खेतों में उतरना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि खेती फेसबुक, इंस्टाग्राम या ट्विटर पर नहीं होती, बल्कि इसके लिए जमीन पर उतरकर पसीना बहाना पड़ता है। वे खुद एक किसान के बेटे हैं और जमीन पर फसल उगाकर लोगों को प्रेरित करते हैं।

खनिजों पर राजनीति छोड़ किसानों की फिक्र करे बीजेपी
मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि झारखंड केवल कोयला, लोहा और खनिज संपदा का दूसरा नाम नहीं है, बल्कि यह यहां के किसानों, आदिवासियों और मेहनतकश अवाम की धरती है। बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी सिर्फ खनिजों के दोहन और उस पर राजनीति करने में लगी है, जबकि असली ध्यान किसानों की खुशहाली और उनकी जमीनों पर होना चाहिए। उन्होंने चैलेंज करते हुए कहा कि वे खुद खेती करते हैं और अपनी उपज बीजेपी के घर तक भेजने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।
बाबूलाल मरांडी पर भी साधा निशाना
झारखंड से मोहब्बत है तो खेती कीजिए, सिर्फ खनिजों के दोहन हेतु राजनीति नहीं करे भाजपा: डॉ. इरफान
# बोले मंत्री—मैं जमीन पर खेती करता हूं, भाजपा नेता सोशल मीडिया पर; बाबूलाल मरांडी अपनी पार्टी को संभालें, नहीं तो छोड़ दें राजनीति
जामताड़ा, 24 अक्टूबर।झारखंड से मोहब्बत का दावा करने वाले भाजपा नेताओं को अब खेतों में उतरकर किसानों की मेहनत और झारखंड की मिट्टी का सम्मान करना सीखना चाहिए। सिर्फ सोशल मीडिया पर खेती की तस्वीरें और वीडियो साझा करने से खेती नहीं होती, इसके लिए खेतों में पसीना बहाना पड़ता है। मैं आज भी खेती करता हूं, जमीन पर उतरकर फसल उगाता हूं और लोगों को भी खेती के लिए प्रेरित करता हूं। भाजपा के नेताओं को मुझसे यह सीख लेनी चाहिए। यह कहना है राज्य के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का।
मंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड केवल कोयला, लोहा और खनिज संपदा का नाम नहीं है। यह किसानों, आदिवासियों, मेहनतकश मजदूरों और आम लोगों की धरती है। यदि भाजपा को वास्तव में झारखंड से प्यार है तो उसे सिर्फ खनिजों के दोहन और उन पर राजनीति करने के बजाय यहां के किसानों, उनकी जमीन और उनकी खुशहाली की चिंता करनी चाहिए। दूसरे राज्यों से आकर झारखंड की राजनीति करने वाले भाजपा नेताओं को भी यहां की मिट्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
डॉ. अंसारी ने कहा कि भाजपा कार्यालयों और सोशल मीडिया पर बैठकर किसानों की बात करना आसान है, लेकिन किसान की वास्तविक परेशानी खेत में उतरने पर ही समझ आती है। मैं खेती करता हूं और अपनी उपज भाजपा के घर तक भेजने को भी तैयार हूं। भाजपा नेताओं को फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर खेती करने के बजाय वास्तविक खेतों में उतरना चाहिए।
इस बार किसानों को मिलेगा पिछले साल से बेहतर लाभ…
मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष किसानों को बेहतर सहयोग और समय पर भुगतान सुनिश्चित कराने की दिशा में सरकार ने गंभीर प्रयास किए। किसानों के भुगतान के मामले में झारखंड को भारत सरकार से भी सम्मान मिला। इस वर्ष भी किसानों की फसल अच्छी हो रही है। हमारा संकल्प है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार और अधिक किसानों को योजनाओं का लाभ मिले, उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और भुगतान की प्रक्रिया बेहतर हो। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। किसान मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होगा तो झारखंड समृद्ध बनेगा।
बाबूलाल मरांडी भाजपा को संभालें या फिर राजनीति छोड़ दें………
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए डॉ. अंसारी ने कहा कि बाबूलाल मरांडी जी को पहले अपनी पार्टी के भीतर झांकना चाहिए। भाजपा में रहते हुए झारखंड के हितों के सवाल पर विरोधाभासी राजनीति करने से पार्टी के दूसरे नेता भी असहज महसूस कर रहे हैं। यदि वे अपनी ही पार्टी में स्वतंत्र होकर काम नहीं कर पा रहे हैं और झारखंड की मिट्टी तथा यहां के संसाधनों के हितों के सवाल पर उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं है, तो उन्हें इस राजनीतिक रिश्ते पर पुनर्विचार करना चाहिए। भाजपा छोड़कर स्वतंत्र रूप से अपनी राजनीति करें। झारखंड की जमीन और उसके संसाधनों को दिल्ली या गुजरात के हितों के हवाले करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा कि झारखंड के हितों के साथ किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैं किसका बेटा हूं और किसके साथ खड़ा हूं, यह झारखंड की जनता अच्छी तरह जानती है। मैं केवल खाद्य आपूर्ति मंत्री नहीं, बल्कि किसान का बेटा भी हूं। किसानों की मेहनत, उनकी परेशानियों और उनकी जरूरतों को समझता हूं। मेरी राजनीति का उद्देश्य केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीन पर काम करके किसानों को उनका हक और सम्मान दिलाना है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि झारखंड की पहचान सिर्फ खनिज संपदा से नहीं, बल्कि इसकी उपजाऊ मिट्टी, मेहनतकश किसानों और यहां के लोगों से है। झारखंड से सच्ची मोहब्बत करनी है तो खेतों में उतरिए, किसानों का हाथ थामिए और उनकी समृद्धि के लिए काम कीजिए। खेती जमीन पर होती है, सोशल मीडिया पर नहीं; और झारखंड से प्यार भाषणों से नहीं, यहां के किसानों के पसीने का सम्मान करने से साबित होगा…….
— Dr. Irfan Ansari (@IrfanAnsariMLA) October 24, 2026

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पहले अपनी पार्टी के अंदर झांकना चाहिए। झारखंड के हितों के मुद्दे पर बीजेपी की विरोधाभासी राजनीति के कारण पार्टी के भीतर के लोग भी असहज हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर वे अपनी पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रहे हैं और झारखंड के संसाधनों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें बीजेपी छोड़कर स्वतंत्र राजनीति करनी चाहिए।
किसानों को मिलेगा पिछले साल से बेहतर लाभ
किसानों के मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले साल की तुलना में इस बार किसानों को फसलों का और बेहतर मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। हेमंत सरकार का साफ मानना है कि किसान मजबूत होगा तभी गांव और पूरा झारखंड समृद्ध बनेगा। अंत में उन्होंने दोहाराया कि झारखंड से प्यार सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि यहां के किसानों की मेहनत का सम्मान करने से साबित होता है!


