Ranchi: राजधानी के मोरहाबादी इलाके में नगर निगम की एक कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रजिस्ट्री ऑफिस के पास रहने वाले आदिवासी परिवारों ने रांची नगर निगम पर उनका पुश्तैनी रास्ता जबरन बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है। रास्ते पर दीवार खड़ी करने और बड़े-बड़े गड्ढे खोदे जाने से नाराज पीड़ित परिवार 25 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। लोगों का कहना है कि रास्ता बंद होने की वजह से घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

रास्ते पर पिलर और गड्ढे


प्रदर्शन कर रहे परिवारों का आरोप है कि 17 अक्टूबर को नगर निगम के जूनियर इंजीनियर, इंफोर्समेंट टीम, परिवर्तन दल और ठेकेदार के लोग अचानक पहुंचे और रास्ते को बाधित करने की कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद 22 अक्टूबर से रजिस्ट्री ऑफिस के करीब बाउंड्री वॉल बनाने का काम तेज कर दिया गया। ठेकेदार ने पिलर खड़े कर आधी दीवार तक बना दी थी, लेकिन परिवारों ने एकजुट होकर बाकी बचे काम को रुकवा दिया। रास्ते पर खोदे गए गड्ढों की वजह से अब पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
6 परिवारों के सामने संकट

पीड़ितों का कहना है कि यह उनका कोई नया रास्ता नहीं, बल्कि पीढ़ियों पुराना पारंपरिक मार्ग है, जिसका इस्तेमाल वे वर्षों से करते आ रहे हैं। इस रास्ते के अचानक बंद हो जाने से सोसाइटी में रह रहे करीब 6 परिवारों के सामने आने-जाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। रोजमर्रा के सामान लाने से लेकर मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में भी घर से निकलना मुहाल हो चुका है।
सीएम तक गुहार, फिर भी सुनवाई नहीं

धरने पर बैठे लोगों का दावा है कि उन्होंने इस पूरी मनमानी की जानकारी मुख्यमंत्री और नगर निगम के आला अधिकारियों तक पहुंचाई है। अफसरों को जमीन के पुराने सरकारी दस्तावेज और नक्शे भी दिखाए गए, जिससे साबित होता है कि यह उनका पुराना आवागमन मार्ग है। इसके बावजूद जब निर्माण कार्य रोकने की कोई पहल नहीं हुई, तो मजबूरन परिवारों को सड़कों पर उतरना पड़ा।
रास्ता खुलने तक आंदोलन का ऐलान
पीड़ित आदिवासी परिवारों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। जब तक नगर निगम की ओर से उनके पुश्तैनी रास्ते को पूरी तरह बहाल नहीं किया जाता और वहां से रुकावटें नहीं हटाई जातीं, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।


