Ranchi: राजधानी रांची में SSP आवास के बाहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अपने नवजात बच्चे की बरामदगी की गुहार लगाते हुए एक महिला आत्मदाह करने के इरादे से वहां पहुंच गई। महिला बेहद बदहवास और गुस्से में थी और उसने SSP आवास के ठीक सामने खुद को खत्म करने की कोशिश की। मौके की नजाकत को भांपते हुए वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और लालपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और महिला को समय रहते रोककर हिरासत में ले लिया। पुलिस के तुरंत एक्शन में आने से एक बड़ा और अप्रिय हादसा होने से टल गया।

पति पर ही नवजात बच्चे को बेचने का गंभीर आरोप


महिला का आरोप है कि उसके अपने ही पति ने उसके नवजात बच्चे का सौदा कर दिया और उसे रांची के ही किसी व्यक्ति को बेच दिया। पीड़िता का कहना है कि जब से उसे अपने बच्चे के बेचे जाने की जानकारी मिली है, वह लगातार थाने और अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक उसे अपना जिगर का टुकड़ा वापस नहीं मिल सका है। न्याय न मिलने और बच्चे से दूर होने के असहनीय दर्द के चलते वह इस खौफनाक कदम को उठाने के लिए मजबूर हुई थी।
हिंदपीढ़ी थाने में दर्ज है मामला, जांच जारी

इस पूरे मामले को लेकर पहले ही रांची के हिंदपीढ़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और बच्चे की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क से जुड़े तारों को खंगाल रही है। हालांकि, कानूनी पेचीदगियों और बच्चे की सही पहचान की पुष्टि को लेकर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
DNA टेस्ट के लिए FSL रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए जाने वाले बच्चे की वास्तविक पहचान स्थापित करने के लिए उसका DNA सैंपल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) को भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि DNA रिपोर्ट आने के बाद ही वैज्ञानिक और पुख्ता तौर पर बच्चे के जैविक माता-पिता की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर मामले में आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लालपुर पुलिस ने महिला को समझा-बुझाकर शांत कराया है और उचित कानूनी मदद का भरोसा दिया है।


