Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट की युवा अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की हजारीबाग में संदिग्ध हालात में हुई मौत का मामला अब सीधे हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है। मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने के साथ ही मजिस्ट्रेट की सीधी निगरानी में पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर मृतका के भाई देवजीत चक्रवर्ती ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दाखिल कर दी है। इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले को सोमवार को तत्काल सुनवाई के लिए अदालत के समक्ष मेंशन किया जाएगा। महिला वकील की रहस्यमयी मौत के बाद से ही कानूनी गलियारों और आम लोगों के बीच भारी रोष देखा जा रहा है।

फ्लैट में मिला शव
अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव हजारीबाग शहर के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट से संदिग्ध अवस्था में बरामद किया गया था। इस दिल दहला देने वाली घटना की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मृतका के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने सीधे तौर पर अपने दामाद यानी अनुष्का के पति कुशाग्र रुद्र पर हत्या का बेहद संगीन आरोप लगाया है। परिजनों का साफ कहना है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।

लव मैरिज और तनाव
जानकारी के मुताबिक अनुष्का और कुशाग्र ने करीब तीन साल पहले अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से दोनों हजारीबाग के इसी गुप्ता कॉम्प्लेक्स वाले फ्लैट में साथ रह रहे थे। शुरुआती दिनों में सब ठीक दिखने के बावजूद समय के साथ रिश्तों में आई कड़वाहट और विवाद की बातें अब खुलकर सामने आ रही हैं। पिता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इसी के चलते उसकी जान ली गई है।
वकीलों में भारी आक्रोश
अपनी साथी वकील की इस तरह अचानक और संदिग्ध मौत से पूरे वकील समुदाय में जबरदस्त गुस्सा है। हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता के परिवार को कानूनी न्याय दिलाने के लिए कमर कस ली है। हाईकोर्ट में दायर याचिका पर एसोसिएशन के महासचिव नवीन कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता अदालत में पीड़िता के पक्ष से जोरदार पैरवी करेंगे। परिवार और वकीलों की साफ मांग है कि पोस्टमार्टम से लेकर जांच की हर कड़ी पारदर्शी हो, ताकि सच बिना किसी लाग-लपेट के सबके सामने आ सके।


