
Digital Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हाल ही में संपन्न हुए रॉयटर्स/इप्सोस (Reuters/Ipsos) के चार दिवसीय सर्वे के अनुसार ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग फिसलकर महज 31 फीसदी पर आ गई है। यह आंकड़ा उनके दोनों कार्यकालों का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। दो हफ्ते पहले के मुकाबले इसमें एक फीसदी की और गिरावट दर्ज की गई है, जिससे व्हाइट हाउस और रिपब्लिकन पार्टी के रणनीतिकारों की चिंता बढ़ गई है।

पेट्रोल के दाम और ईरान तनाव से भड़की नाराजगी
सर्वे में सामने आया है कि देश में बढ़ती पेट्रोल की कीमतों और लगातार चढ़ती महंगाई से आम अमेरिकी नागरिक बेहद परेशान हैं। इसके अलावा ईरान के खिलाफ बने युद्ध के हालातों ने भी जनता में असंतोष भर दिया है। कई बड़े शहरों में सरकार की विदेश नीति को लेकर गुस्सा देखा जा रहा है। यहां तक कि कई इलाकों में ट्रंप के पारंपरिक और कट्टर समर्थक भी जंग के बढ़ते जोखिम और आर्थिक दबाव को लेकर नाखुश नजर आ रहे हैं।

मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स को बड़ी बढ़त
जब सर्वे में लोगों से पूछा गया कि अगर आज कांग्रेसनल चुनाव हों तो वे किसे चुनेंगे, तो 47 फीसदी लोगों ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में मतदान करने की इच्छा जताई, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में केवल 35 फीसदी लोग ही खड़े दिखे। 12 फीसदी की यह बड़ी बढ़त डेमोक्रेट्स के हौसले बुलंद कर रही है। इससे डेमोक्रेटिक पार्टी को प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट दोनों पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने की मजबूत उम्मीद दिखाई दे रही है।
3 नवंबर को होने हैं अहम मध्यावधि चुनाव
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि चुनाव होने तय हैं, जिनमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों, सीनेट की 35 सीटों और कई राज्यों के गवर्नर पदों के लिए वोट डाले जाएंगे। जानकारों का मानना है कि यदि रिपब्लिकन पार्टी किसी भी एक सदन में बहुमत खो देती है, तो ट्रंप के लिए अपने कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों में नीतियों और प्रमुख एजेंडों को पास कराना बेहद मुश्किल हो जाएगा। 1,679 वयस्कों पर ऑनलाइन किए गए इस सर्वे ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।


