Jharkhand voter list: झारखंड में वोटर लिस्ट को एकदम फ्रेश और एरर-फ्री बनाने के लिए इलेक्शन डिपार्टमेंट ने अपनी रफ्तार दोगुनी कर दी है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत 22 अक्टूबर 2026 तक नए वोटर्स के रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म-6 के कुल 8,59,162 एप्लीकेशन आ चुके हैं। इसके चलते राज्य में वोटर्स की तादाद में 3.89 परसेंट का उछाल देखने को मिला है। हालांकि, दो साल के गैप के बाद विभाग कम से कम 8 परसेंट ग्रोथ की उम्मीद कर रहा था, इसलिए चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) के. रवि कुमार ने सभी डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर्स को मिशन मोड में काम करने का सख्त फरमान सुनाया है।

उम्मीद से कम आंकड़े
राज्य के 31,892 पोलिंग बूथ्स के लिए जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में फिलहाल 2,21,01,249 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। दो साल बीतने के बावजूद जब ग्रोथ रेट 4 परसेंट से नीचे अटका दिखा, तो विभाग ने साफ कर दिया कि अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। हर उस एलिजिबल नागरिक को लिस्ट में जोड़ना टॉप प्रायॉरिटी है, जिसकी उम्र वोट डालने के लायक हो चुकी है।

किस जिले का क्या हाल
जिलों की परफॉर्मेंस देखें तो कोडरमा 5.80 परसेंट की उछाल के साथ सबसे आगे चल रहा है। इसके बाद पलामू में 4.86, पश्चिमी सिंहभूम में 4.85, खूंटी में 4.38 और सिमडेगा में 4.35 परसेंट का इजाफा हुआ है। दूसरी तरफ संताल के कई जिले रफ्तार में काफी पीछे रह गए हैं। पाकुड़ में सबसे कम 2.85 परसेंट बढ़त दर्ज हुई, वहीं जामताड़ा में 2.87, देवघर में 2.89, गोड्डा में 3.13 और दुमका में 3.22 परसेंट की सुस्त ग्रोथ देखी गई।
विधानसभा सीटों का मिजाज
विधानसभा सीटों के हिसाब से धनबाद 6.18 परसेंट की शानदार छलांग लगाकर टॉप पर बना हुआ है। कोडरमा 5.80, मझगांव 5.47, जमशेदपुर पश्चिम 5.35 और डाल्टनगंज 5.22 परसेंट के साथ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसके उलट चंदनकियारी में महज 2.56, महेशपुर में 2.65, सारठ में 2.68, नाला में 2.74 और गोड्डा सीट पर 2.83 परसेंट की ही बढ़ोतरी हो पाई है।
कॉलेजों में चलेगा कैंपेन
यंग वोटर्स को जोड़ने के लिए निर्वाचन विभाग ने इस बार सीधा कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज का रुख करने का प्लान बनाया है। के. रवि कुमार ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वे हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स के साथ तुरंत कोऑर्डिनेशन बैठाएं। कैंपस में अवेयरनेस ड्राइव चलाकर 18 साल पार कर चुके युवाओं से सीधे फॉर्म-6 भरवाया जाए, ताकि कोई भी यूथ अपने पहले वोट के हक से महरूम न रहे।
बूथ लेवल पर सख्ती
प्रक्रिया को तेज करने के लिए बूथ लेवल पर भी मॉनिटरिंग के कड़े नियम तय किए गए हैं। बीएलओ सुपरवाइजर्स को अपने अंडर आने वाले BLO के काम का रोज ऑडिट करने को कहा गया है। हर पोलिंग बूथ पर रोज कम से कम दो नए फॉर्म-6 का डिजिटाइजेशन करना अनिवार्य कर दिया गया है। जहां काम धीमा है, वहां एक्स्ट्रा मदद दी जाएगी। साथ ही डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन के दौरान जिन लोगों को डॉक्युमेंट्स या फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है, उन्हें पूरी मदद दी जाएगी। इसके साथ ही एक सख्त हिदायत यह भी दी गई है कि किसी भी हाल में किसी गैर-पात्र या विदेशी नागरिक का नाम लिस्ट में नहीं घुसना चाहिए।


