
International: रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया घटनाक्रम सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संभावित बैठक में शामिल होने की इच्छा जताई है. इस संभावित मुलाकात ने यूक्रेन की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या युद्ध को लेकर कोई अहम चर्चा यूक्रेन की मौजूदगी के बिना हो सकती है?

चीन में नवंबर में हो सकती है बैठक
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, वह अगले महीने चीन में पुतिन और शी जिनपिंग के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. तीनों नेताओं की संभावित मुलाकात 18 और 19 नवंबर को चीन के शेनझेन में होने वाले एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान हो सकती है.

हालांकि, अभी इस बैठक को लेकर कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भी कहा है कि इस तरह की मुलाकात का विचार सामने आया है, लेकिन बैठक के स्वरूप और एजेंडे पर कोई ठोस सहमति नहीं बनी है.
ट्रंप ने संकेत दिया कि बातचीत का मुख्य मुद्दा परमाणु हथियारों पर नियंत्रण और परमाणु निरस्त्रीकरण हो सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के लिए वह अपनी ओर से हर संभव कोशिश करेंगे.
जेलेंस्की को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
इस घटनाक्रम के बीच ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर भी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि अब यूक्रेन की ओर से बातचीत करने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए.
ट्रंप की इस टिप्पणी से अमेरिका और यूक्रेन के बीच बढ़ते मतभेदों की चर्चा फिर तेज हो गई है. रूस के साथ संभावित बैठक में यूक्रेन की भागीदारी को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है.
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यदि तीनों नेताओं की मुलाकात होती है, तो उसमें यूक्रेन युद्ध पर औपचारिक चर्चा होगी या नहीं.
यूक्रेन ने बैठक के प्रस्ताव पर जताई आपत्ति
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने रूस, अमेरिका और चीन के नेताओं की ऐसी बैठक पर चिंता जताई, जिसमें यूक्रेन शामिल न हो. उनका कहना है कि इस तरह की मुलाकात से युद्ध जारी रखने के लिए रूस का हौसला बढ़ सकता है.
यूक्रेन का रुख साफ है कि उसके भविष्य और क्षेत्रीय संप्रभुता से जुड़े किसी भी समाधान में उसकी भागीदारी जरूरी है. कीव का मानना है कि यूक्रेन को अलग रखकर युद्ध का स्थायी समाधान निकालना मुश्किल होगा. वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि उन्हें इस संभावित बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
पुतिन और जेलेंस्की के बीच बातचीत भी मुश्किल
रूस और यूक्रेन के बीच सीधी बातचीत की संभावनाएं भी फिलहाल आसान नजर नहीं आतीं. रूसी राष्ट्रपति पुतिन पहले भी कह चुके हैं कि जेलेंस्की के साथ मुलाकात तभी हो सकती है, जब शांति समझौते की दिशा में ठोस स्थिति बने.
ऐसे में ट्रंप, पुतिन और शी जिनपिंग की संभावित बैठक को लेकर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. लेकिन जब तक बैठक की आधिकारिक पुष्टि और उसके एजेंडे की जानकारी सामने नहीं आती, तब तक यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कोई निर्णायक रास्ता निकलेगा.


