
Ranchi: रांची के बुंडू स्थित PPK कॉलेज में करीब 41 साल से चल रही NCC यूनिट का संचालन बंद होने का मामला अब राजभवन तक पहुंच गया है। JLKM के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष और आंदोलनकारी नेता दिशुम वीर बाबू देवेन्द्र नाथ महतो ने बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर कॉलेज की 7/3 NCC यूनिट का निलंबन समाप्त करने और इसे दोबारा शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चार दशक से ज्यादा पुरानी इस यूनिट का बंद होना केवल एक कॉलेज की समस्या नहीं है, बल्कि बुंडू, तमाड़, सिल्ली, राहे, सोनाहातू और आसपास के ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला है।

देवेन्द्र नाथ महतो ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। उनके मुताबिक, राज्यपाल ने मामले पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग और विश्वविद्यालय को पत्र लिखने का आश्वासन दिया है। हालांकि, NCC यूनिट को दोबारा शुरू करने को लेकर अभी किसी अंतिम फैसले की जानकारी नहीं दी गई है।

41 साल पुरानी NCC यूनिट बंद होने पर उठाए सवाल
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि PPK कॉलेज, बुंडू में करीब 41 वर्षों से NCC यूनिट का संचालन होता रहा है। इस यूनिट से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का अवसर मिलता था।
उन्होंने कहा कि बुंडू और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार रहते हैं। ऐसे परिवारों के बच्चों के लिए NCC आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम रही है। ऐसे में यूनिट का संचालन बंद होना विद्यार्थियों के अवसरों को प्रभावित कर सकता है।
देवेन्द्र नाथ महतो ने कॉलेज प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण ऐसी स्थिति बनी है कि 3 झारखंड बटालियन और संबंधित NCC कमान कॉलेज में यूनिट का संचालन जारी रखने के इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की, ताकि संस्थागत विवाद का नुकसान विद्यार्थियों को न उठाना पड़े।
राज्यपाल ने विभाग और विश्वविद्यालय को पत्र लिखने का दिया आश्वासन
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान देवेन्द्र नाथ महतो ने NCC यूनिट का निलंबन समाप्त करने के साथ भविष्य में इसका नियमित संचालन सुनिश्चित करने की मांग रखी।
उनके अनुसार, राज्यपाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग और विश्वविद्यालय को पत्र लिखने का भरोसा दिया है। देवेन्द्र नाथ महतो ने उम्मीद जताई कि राजभवन के हस्तक्षेप से यूनिट को दोबारा शुरू कराने की दिशा में पहल होगी।
इस दौरान उनके साथ पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में गिरिधर महतो, कुमारी वर्षा रानी, दुर्गामणि कुमारी और प्राची कुमारी भी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल में मौजूद छात्राओं ने भी NCC यूनिट दोबारा शुरू करने की मांग का समर्थन किया।
यूनिट शुरू नहीं हुई तो आगे की रणनीति बनाएंगे
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को वे लगातार उठाते रहेंगे। यदि NCC यूनिट दोबारा शुरू करने के लिए उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की दिशा में भी कदम उठाया जाएगा। उनकी मांग है कि PPK कॉलेज की NCC यूनिट का निलंबन जल्द समाप्त हो और विद्यार्थियों को पहले की तरह इसका लाभ मिलता रहे।


