
बोकारो स्टील प्लांट में सीधी नौकरी की मांग को लेकर अप्रेंटिस पास विस्थापित युवाओं का अनिश्चितकालीन आंदोलन अब और उग्र हो गया है। आंदोलन के आठवें दिन आक्रोशित विस्थापितों ने आर पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए बोकारो स्टील प्लांट के मुख्य द्वार को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने गेट के ठीक सामने धरना दे दिया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं का कहना है कि जब तक उन्हें रोजगार देने की ठोस पहल नहीं होती, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

प्लांट के भीतर नहीं जा सके कर्मचारी और ठेका मजदूर
मुख्य द्वार जाम किए जाने का सीधा असर प्लांट के कामकाज और कर्मचारियों की आवाजाही पर पड़ा। सुबह की पाली में ड्यूटी जाने के लिए पहुंचे नियमित कर्मचारियों और ठेका मजदूरों को गेट पर ही रोक दिया गया। घंटों तक गेट न खुलने और भारी हंगामे की स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में कर्मचारी और मजदूर प्लांट के अंदर जाने के बजाय गेट के बाहर से ही अपने घरों को लौट गए। अचानक हुई इस घेराबंदी से प्लांट परिसर के बाहर दिन भर अफरा तफरी का माहौल बना रहा।

ठोस नियोजन नीति बनाने की मांग पर अड़ा संघ
विस्थापित अप्रेंटिस संघ अपनी सीधी नियुक्ति और स्पष्ट नियोजन नीति की मांग पर पूरी तरह अड़ा हुआ है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जमीन देने के बावजूद विस्थापित परिवारों के प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है। आठ दिन बीत जाने के बाद भी बीएसएल प्रबंधन की तरफ से कोई सकारात्मक कदम न उठाए जाने से युवाओं में भारी गुस्सा है। फिलहाल प्लांट के मुख्य गेट पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस गतिरोध को खत्म करने के लिए प्रबंधन आगे क्या कदम उठाता है।


