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बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग, 27 को आएंगे नतीजे; पटना स्नातक सीट पर दिलचस्प मुकाबला

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Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। चुनाव प्रचार आज शाम 5 बजे समाप्त हो जाएगा। इस चुनाव में एनडीए, महागठबंधन और जन सुराज के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला माना जा रहा है। खास तौर पर पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां जेडीयू के नीरज कुमार, जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह, आरजेडी के दिलीप कुमार और कांग्रेस के डॉ. असदुल्लाह खान मैदान में हैं।

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कब होगा मतदान और कब आएंगे नतीजे?

बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं।

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  • 23 अक्टूबर: मतदान
  • 27 अक्टूबर: मतगणना
  • प्रचार का अंतिम समय: आज शाम 5 बजे

मतदान के बाद 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना से उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कितने मतदाता?

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 4,92,594 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 3,55,522 पुरुष, 1,37,038 महिलाएं और 34 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। वहीं, चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 40,253 मतदाता हैं। इनमें 30,677 पुरुष, 9,573 महिलाएं और 3 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।

किस स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कितने मतदाता?

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र कुल मतदाता पुरुष महिला ट्रांसजेंडर
कोसी 1,34,072 1,01,056 33,013 3
दरभंगा 1,26,951 90,006 36,938 7
पटना 87,583 66,462 21,117 4
तिरहुत 1,43,988 97,998 45,970 20
कुल 4,92,594 3,55,522 1,37,038 34

मतदाताओं की संख्या के लिहाज से तिरहुत सबसे बड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र है। वहीं, पटना में स्नातक मतदाताओं की संख्या इन चार क्षेत्रों में सबसे कम है।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कुल मतदाता पुरुष महिला
पटना 11,719 8,413 3,306
सारण 10,748 8,799 1,949
दरभंगा 9,026 6,958 2,068
तिरहुत 8,760 6,507 2,250
कुल 40,253 30,677 9,573

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना सबसे बड़ा क्षेत्र है, जहां 11,719 मतदाता पंजीकृत हैं। इसके बाद सारण का स्थान है। ध्यान दें कि तिरहुत के दिए गए पुरुष और महिला मतदाताओं का योग कुल संख्या से तीन कम है। इस आंकड़े का आधिकारिक सूची से मिलान जरूरी है।

किस पार्टी से कौन उम्मीदवार मैदान में?

आठ सीटों के चुनाव में बीजेपी, जेडीयू, आरजेडी, जन सुराज और कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रमुख दलों के उम्मीदवारों की सूची इस प्रकार है।

बीजेपी के उम्मीदवार

  • पटना शिक्षक: नवल किशोर यादव
  • कोसी स्नातक: एनके यादव
  • दरभंगा स्नातक: डॉ. सर्वेश कुमार
  • तिरहुत शिक्षक: नरेंद्र प्रताप सिंह

जेडीयू के उम्मीदवार

  • पटना स्नातक: नीरज कुमार
  • तिरहुत स्नातक: अभिषेक झा
  • सारण शिक्षक: आनंद पुष्कर
  • दरभंगा शिक्षक: घनश्याम राय

आरजेडी के उम्मीदवार

  • पटना शिक्षक: डॉ. संजीव कुमार सिंह
  • दरभंगा शिक्षक: डॉ. कुंवर राय
  • दरभंगा स्नातक: अनिल कुमार झा
  • पटना स्नातक: दिलीप कुमार
  • सारण शिक्षक: प्रो. जयराम यादव
  • कोसी स्नातक: नितेश कुमार
  • तिरहुत स्नातक: डॉ. रश्मि विनायक गौतम

जन सुराज के उम्मीदवार

  • पटना स्नातक: डॉ. अनुज सिंह
  • दरभंगा शिक्षक: एसपी राय
  • कोसी स्नातक: रजनीश रंजन
  • दरभंगा स्नातक: डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी
  • तिरहुत स्नातक: डॉ. विमोहन कुमार
  • सारण शिक्षक: आफाक अहमद
  • तिरहुत शिक्षक: भूषण झा
  • पटना शिक्षक: दिव्या ज्योति

कांग्रेस के उम्मीदवार

  • पटना शिक्षक: डॉ. संजय यादव
  • दरभंगा स्नातक: रजनीकांत पाठक
  • दरभंगा शिक्षक: डॉ. मदन मोहन झा
  • पटना स्नातक: डॉ. असदुल्लाह खान
  • कोसी स्नातक: मनोज कुमार जायसवाल

नोट: उम्मीदवारों के नाम और निर्वाचन क्षेत्रों का अंतिम मिलान निर्वाचन आयोग की आधिकारिक उम्मीदवार सूची से किया जाना चाहिए।

क्यों हॉट सीट बनी पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र?

पटना स्नातक सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां जेडीयू के नीरज कुमार, जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह, आरजेडी के दिलीप कुमार और कांग्रेस के डॉ. असदुल्लाह खान के बीच मुकाबला है।

इस सीट की राजनीतिक दिलचस्पी तब और बढ़ गई, जब जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया। इसके बाद नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले।

नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच क्यों बढ़ा विवाद?

अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर कई आरोप लगाए थे। इनमें उनके घर में AK-47 रखवाकर फंसाने और चुनाव में उन्हें हराने की कोशिश करने जैसे आरोप शामिल थे। नीरज कुमार इन आरोपों को नकारते रहे हैं।

दोनों नेताओं के बीच विवाद सुलझाने के लिए जेडीयू की ओर से बैठक भी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद संजय झा ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दोनों नेताओं के बीच सुलह कराने की जिम्मेदारी दी। बताया गया कि ललन सिंह ने अनंत सिंह से बातचीत भी की, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हुआ।

दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी जारी रहने से पटना स्नातक सीट का चुनाव और चर्चा में आ गया। जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार को हृदय संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी राजनीतिक बयानबाजी का सिलसिला जारी रहा।

23 अक्टूबर के मतदान पर टिकी नजरें

बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों पर मतदान के साथ ही चुनावी मुकाबले की दिशा स्पष्ट होने लगेगी। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की भूमिका अहम होगी। वहीं, पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के भीतर सामने आए मतभेद और विभिन्न दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबले ने चुनाव को खास बना दिया है। अब सभी की नजरें 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान और 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर हैं।

 

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