Lohardaga : लोहरदगा जिले के भंडरा थाना क्षेत्र अंतर्गत धनामुजी गांव से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घर के एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से गंभीर रूप से झुलसे पति-पत्नी की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय अजीत उरांव और उसकी 18 वर्षीया पत्नी बाल्मीका कुमारी के रूप में की गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है।

अस्पताल पहुंचते ही पति ने तोड़ा दम, रिम्स में पत्नी की थमी सांसें
परिजनों के अनुसार शनिवार की शाम को अचानक घर के एक बंद कमरे से आग की लपटें और काला धुआं निकलते देखा गया। अनहोनी का अहसास होते ही परिजनों ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया और बुरी तरह झुलस चुके दोनों पति-पत्नी को बाहर निकाला। आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लोहरदगा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अजीत उरांव को मृत घोषित कर दिया। वहीं बाल्मीका की हालत नाजुक देखते हुए उसे तुरंत रिम्स रांची रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।

कुछ समय से मानसिक अस्वस्थता की बात आई सामने
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अजीत उरांव पिछले कुछ महीनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। मानसिक संतुलन ठीक न रहने के कारण वह कई दिनों तक पझरी पहाड़ पर भी भटकता रहा था। इसके बाद वह मजदूरी करने रांची चला गया था और हाल ही में करमा पर्व के मौके पर वापस अपने गांव लौटा था। हालांकि कमरे के भीतर दोनों के झुलसने की असली वजह क्या रही और किन हालात में यह आग भड़की, इस पर रहस्य बना हुआ है।
बिजली का तार जला मिला, फोरेंसिक जांच से खुलेगा राज
घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद भंडरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। भंडरा थाना प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि कमरे के भीतर बिजली की वायरिंग का तार जला हुआ पाया गया है। आग लगने के असली कारणों की तह तक पहुंचने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक जांच और साक्ष्यों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस हर बिंदु से मामले की छानबीन कर रही है।


