Jamshedpur: जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत खासमहल स्थित सदर अस्पताल में रविवार को घाघीडीह सेंट्रल जेल में बंद 82 वर्षीय बुजुर्ग कैदी जादव बिरूवा की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह मूल रूप से पश्चिम सिंहभूम जिले के हाटगम्हरिया इलाके का रहने वाला था और हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। शनिवार को जेल में अचानक उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने आनन-फानन में उसे बेहतर इलाज के लिए खासमहल सदर अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार को उसने दम तोड़ दिया।

मर्डर केस में उम्रकैद
जादव बिरूवा को साल 2001 में हाटगम्हरिया क्षेत्र में हुई एक हत्या की वारदात में अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के शुरुआती सालों में उसे चाईबासा जेल में रखा गया था। इसके बाद जेलों में कैदियों की संख्या और प्रशासनिक व्यवस्था के तहत साल 2019 में उसे चाईबासा जेल से जमशेदपुर के घाघीडीह सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया था। तब से वह लगातार घाघीडीह जेल में ही अपनी सजा पूरी कर रहा था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
कैदी की मौत के बाद जेल प्रशासन ने नियमानुसार तुरंत उसके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। पुलिस और जेल प्रशासन की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ने और मौत के सटीक मेडिकल कारणों का पता नहीं चल सका है। डॉक्टरों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी।


