Godda: महागामा थाना क्षेत्र के ऊर्जानगर में मेला देखकर लौट रही पाकुड़ की एक नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इस घिनौनी वारदात के कथित मास्टरमाइंड मोहम्मद अखलाक अंसारी को भी अस्पताल से छुट्टी मिलते ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं दूसरी ओर इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में लोगों का गुस्सा भड़का हुआ है। सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी या कड़ी सजा दिलाने की आवाज उठाई है।

रास्ते में घेरकर रिश्तेदारों को पीटा
पुलिस के मुताबिक यह दिल दहला देने वाली वारदात 21 अक्टूबर की रात की है। पाकुड़ जिले की रहने वाली नाबालिग अपने रिश्तेदारों के साथ महागामा के ऊर्जानगर में लगा मेला घूमने आई थी। देर शाम मेला देखने के बाद वह परिजनों के साथ बाइक पर सवार होकर अपनी मौसी के घर जा रही थी। जैसे ही वे जियाजोरी नहर के करीब पहुंचे, वहां पहले से घात लगाकर बैठे मनचलों ने उनकी बाइक रुकवा ली। आरोपियों ने लड़की के रिश्तेदारों के साथ बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर उन्हें भगा दिया।

पहाड़ी की ओर घसीट कर ले गए
परिजनों को खदेड़ने के बाद आरोपी जबरन किशोरी को बाइक से उतारकर पास की जियाजोरी पहाड़ी के सुनसान इलाके में ले गए। वहां आरोपियों ने नाबालिग के साथ बारी-बारी से दरिंदगी की। इस बीच किसी तरह बचकर निकले परिजनों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत डायल 112 पर फोन करके पुलिस को वारदात की सूचना दी। कॉल मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और गश्ती दल फौरन मौके के लिए रवाना हो गया।
पुलिस ने दबिश देकर सभी को पकड़ा
डायल 112 पर खबर मिलते ही पुलिस टीम ने तेजी दिखाई और मौके पर पहुंचकर पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल से ही एक आरोपी को रंगेहाथ धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी से सख्ती से पूछताछ के बाद मिली निशानदेही पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की और बाकी पांचों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। मास्टरमाइंड मोहम्मद अखलाक अंसारी को चोटिल होने के कारण महागामा रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से ठीक होते ही पुलिस ने उसे भी कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
सड़कों पर उतरा आक्रोश
वारदात के विरोध में शनिवार की शाम पथरगामा में छात्राओं और स्थानीय लोगों ने हाथों में तख्तियां और मोमबत्तियां लेकर जोरदार कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऐसे दरिंदों को समाज में रहने का कोई हक नहीं है। महागामा के समाजसेवियों ने ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से मुलाकात कर मांग की है कि इस संवेदनशील केस की सुनवाई के लिए तुरंत स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाए और स्पीडी ट्रायल चलाकर दरिंदों को सख्त से सख्त सजा दी जाए, ताकि पीड़िता को जल्द इंसाफ मिल सके।


