
पटना: जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए गए छोटू सिंह ने पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा पर निशाना साधा है। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में छोटू सिंह ने संजय झा पर पार्टी को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि संजय झा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जेडीयू कोटे से मंत्री बनना चाहते हैं और उनकी नजर ललन सिंह की जगह पर है। हालांकि, ये आरोप छोटू सिंह ने लगाए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ललन सिंह की जगह केंद्रीय मंत्री बनना चाहते हैं संजय झा?
छोटू सिंह ने आरोप लगाया कि संजय झा की नजर केंद्र सरकार में मंत्री पद पर है। उनके दावे के मुताबिक, संजय झा मोदी कैबिनेट में ललन सिंह की जगह लेना चाहते हैं।

छोटू सिंह ने संजय झा की राजनीतिक ताकत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि संजय झा अपने दम पर चुनाव जीतने में सफल नहीं रहे हैं। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि संजय झा ने कभी नीतीश कुमार को कमजोर करने और उन्हें हटाने की कोशिश की थी। इन आरोपों पर संजय झा का पक्ष सामने नहीं आया है।
‘नीतीश कुमार का समर्थन नहीं रहा तो कमजोर पड़ जाएंगे’
छोटू सिंह ने कहा कि संजय झा की राजनीतिक स्थिति नीतीश कुमार के समर्थन से जुड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार का आशीर्वाद नहीं रहने पर संजय झा की राजनीतिक ताकत कमजोर पड़ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के समर्थक सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। छोटू सिंह ने जेडीयू में संजय झा के करीबी माने जाने वाले कुछ नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर क्या कहा?
छोटू सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तारीफ करते हुए कहा कि वह अच्छा काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि संजय झा और उनके करीबी नेता मुख्यमंत्री को स्थिरता से काम नहीं करने देना चाहते।
छोटू सिंह का दावा है कि इस तरह की गतिविधियों से सम्राट चौधरी की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने संजय झा की राजनीतिक हैसियत पर भी सवाल उठाए। इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
उमेश कुशवाहा ने छह साल के लिए किया था निष्कासित
छोटू सिंह को जुलाई 2026 में जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने यह कार्रवाई की थी। उस समय चर्चा थी कि प्रदेश कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने से छोटू सिंह नाराज थे। संजय झा के साथ उनकी बहस होने की बात भी सामने आई थी।
छोटू सिंह को बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता अशोक चौधरी का करीबी माना जाता है। उनके निष्कासन पर मोकामा विधायक अनंत सिंह ने भी नाराजगी जताई थी।
जेडीयू की प्रदेश कार्यकारिणी में रह चुके हैं छोटू सिंह
छोटू सिंह जेडीयू की प्रदेश कार्यकारिणी में काम कर चुके हैं। पिछले वर्ष तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें बिहार राज्य नागरिक परिषद का महासचिव बनाया था। वह इस पद पर भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
पार्टी से निष्कासन के बाद छोटू सिंह के ताजा बयानों ने जेडीयू के अंदरूनी समीकरणों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, संजय झा और उमेश कुशवाहा को लेकर लगाए गए उनके आरोपों की पुष्टि संबंधित पक्षों के बयान या अन्य विश्वसनीय साक्ष्यों से होनी बाकी है।


