
Giridih News: नौ दिनों तक शक्ति की उपासना के बाद गिरिडीह में विजयादशमी का महापर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक इस पर्व पर शहरभर में आस्था का सैलाब उमड़ा। शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा के भव्य दर्शन और पूजन के बाद जब विदाई की घड़ी आई, तो हर भक्त की आंखें नम हो उठीं। पंडालों से लेकर विसर्जन घाटों तक जय दुर्गे के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

सुहागिनों ने खेली सिंदूर की होली


प्रतिमा विसर्जन से पहले पूजा पंडालों और मंडपों में पारंपरिक रस्मों को पूरे विधि-विधान से निभाया गया। सुहागिन महिलाओं ने मां की आरती उतारकर सिंदूर खेला की रस्म पूरी की। एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य की कामना की गई और देखते ही देखते यह पल सिंदूर की होली में बदल गया। पंडालों में मौजूद हर महिला इस पारंपरिक उत्सव में डूबी नजर आई, जिससे माहौल बेहद खास और भावुक बन गया।
कांधे पर निकली विसर्जन शोभायात्रा

गिरिडीह के कई ऐतिहासिक पूजा पंडालों से दशकों पुरानी परंपरा को जीवंत रखते हुए भक्त माता की प्रतिमा को अपने कांधों पर उठाकर विसर्जन के लिए निकले। श्री श्री आदि दुर्गा मंडप और छोटकी दुर्गा मंडप समेत कई जगहों से निकली शोभायात्रा में हजारों की भीड़ शामिल हुई। जय माता दी के जयकारों के बीच प्रतिमाओं को प्रमुख चौक-चौराहों का भ्रमण कराया गया और जगह-जगह आरती उतारी गई।
मानसरोवर तालाब में नाव से हुआ अनूठा विसर्जन

विसर्जन के लिए शहर के प्रमुख जलाशयों पर विशेष व्यवस्था की गई थी। सुंदर तालाब में बरगंडा सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की प्रतिमा का विसर्जन भव्य महाआरती के साथ किया गया। वहीं, गिरिडीह के चर्चित मानसरोवर तालाब में पुरानी परंपरा को निभाते हुए नाव के जरिए दर्जनभर प्रतिमाओं को जल में प्रवाहित किया गया। कांधे पर चलकर पहुंचे भक्तों ने मानसरोवर तट पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और फिर नाव के सहारे प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ।
डीसी और एसपी ने खुद संभाली सुरक्षा की कमान
विसर्जन के दौरान विधि-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ. विमल कुमार ने खुद शहर के विभिन्न इलाकों में गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। संवेदनशील स्थानों और विसर्जन मार्गों पर पुलिस जवानों की सख्त तैनाती रही, जिससे पूरा उत्सव सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।


