
जटिल स्वास्थ्य स्थिति के बीच चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, सोनिया खातून न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस और ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा नामक बीमारी से पीड़ित थीं। ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा ब्रेन ट्यूमर का एक प्रकार है। मरीज को अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी थीं, जिसके कारण एनेस्थीसिया देना और ऑपरेशन की तैयारी करना डॉक्टरों के लिए चुनौतीपूर्ण था।

मरीज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन से पहले विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया। आवश्यक चिकित्सकीय जांच और क्लीयरेंस के बाद सर्जरी की गई।
डॉ. आनंद प्रकाश के नेतृत्व में हुई सर्जरी
RIMS के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रकाश के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम में डॉ. नारायण और डॉ. कुमार दीपक भी शामिल थे।
वहीं, एनेस्थीसिया टीम में डॉ. मुकेश, डॉ. राजेश, डॉ. वशिष्ठ, डॉ. क्षितिज और डॉ. अधिश्री ने अहम भूमिका निभाई। मरीज की जटिल चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए न्यूरोसर्जरी, एनेस्थीसिया और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ पूरी प्रक्रिया संपन्न की गई।
डॉक्टरों की निगरानी में मरीज
ऑपरेशन सफल होने के बाद फिलहाल सोनिया खातून डॉक्टरों की करीबी निगरानी में हैं। चिकित्सकीय टीम को उम्मीद है कि उनकी सेहत में सुधार होने के साथ वह जल्द ही अपनी सामान्य दैनिक गतिविधियां दोबारा शुरू कर सकेंगी।
उन्नत न्यूरोसर्जरी की दिशा में RIMS का प्रयास
इस सर्जरी को RIMS में उपलब्ध न्यूरोसर्जिकल उपचार और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। संस्थान का प्रयास है कि झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


