बोधगया: बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बोधगया में 12 औद्योगिक इकाइयों के साथ कुल 4,092 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से संबंधित समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में उद्योग विभाग और कंपनियों के बीच ये समझौते हुए।

यह कार्यक्रम बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड के शुभारंभ और बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के कर्टेन रेजर के अवसर पर आयोजित किया गया। प्रस्तावित निवेश से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

ऊर्जा से लेकर टेक्सटाइल और बायोटेक्नोलॉजी तक निवेश
12 कंपनियों के निवेश प्रस्ताव ऊर्जा, टेक्सटाइल, ऑर्गेनिक उत्पाद, ऑटोमोबाइल, एल्युमिनियम, कृषि आधारित उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं।
प्रस्तावित परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ सहायक उद्योगों के विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
मिंट लाइफ साइंसेज करेगी 1,500 करोड़ रुपये का निवेश
निवेश प्रस्तावों में मिंट लाइफ साइंसेज का प्रस्ताव सबसे बड़ा है। कंपनी ने 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना पेश की है। वहीं, एबीआइएस ग्रुप 600 करोड़, बायोहील एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड 510 करोड़ और जियोफास्ट इंडस्ट्रीज (1) लिमिटेड 500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित कर रही हैं। इन चार कंपनियों के प्रस्तावित निवेश की कुल राशि 3,110 करोड़ रुपये है।
किस कंपनी ने कितना निवेश प्रस्तावित किया?
| कंपनी | प्रस्तावित निवेश |
|---|---|
| मिंट लाइफ साइंसेज | 1,500 करोड़ रुपये |
| एबीआइएस ग्रुप | 600 करोड़ रुपये |
| बायोहील एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड | 510 करोड़ रुपये |
| जियोफास्ट इंडस्ट्रीज (1) लिमिटेड | 500 करोड़ रुपये |
| कुमार ऑर्गेनिक्स | 300 करोड़ रुपये |
| जियाना इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड | 206 करोड़ रुपये |
| नालंदा ऑटोमेक प्राइवेट लिमिटेड | 120 करोड़ रुपये |
| अमरनाथ टेक्सटाइल | 110 करोड़ रुपये |
| मां भद्रकाली एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्राइवेट लिमिटेड | 95 करोड़ रुपये |
| शिवा एग्रो नेचुरल प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड | 51 करोड़ रुपये |
| वास्तु विहार बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड | 50 करोड़ रुपये |
| कनकलया ज्वेलरी | 50 करोड़ रुपये |
| कुल | 4,092 करोड़ रुपये |
निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की चुनौती
राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना अहम होगा। इसके लिए आधारभूत संरचना का विस्तार, निवेशकों के साथ समन्वय और उद्योगों के अनुकूल वातावरण विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
यदि ये परियोजनाएं धरातल पर उतरती हैं, तो बिहार में औद्योगिक उत्पादन बढ़ने के साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश से सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलने और राज्य का औद्योगिक आधार मजबूत होने की उम्मीद है।


