पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष। मल्लिकार्जुन खरगे की विवादित टिप्पणी के बाद बिहार में सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और जदयू सहित एनडीए के नेताओं ने खरगे के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी टिप्पणी की आलोचना की थी।

रविवार को पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की। एक व्यक्ति के यह कहने पर कि मोदी नहीं जाएंगे, खरगे ने जवाब दिया, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया।

गिरिराज सिंह का कांग्रेस पर हमला
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने खरगे के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस “मूर्खों की टोली” है। सिंह ने कहा कि पहले लगता था कि राहुल गांधी ही इस तरह के बयान देते हैं, लेकिन अब पूरी पार्टी उसी रास्ते पर चल रही है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का राजनीतिक प्रभाव खत्म हो चुका है और कई राज्यों में पार्टी की स्थिति कमजोर है। गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व लंबे समय तक बना रहेगा और कांग्रेस के नेताओं को ऐसे बयानों के लिए जनता से जवाब मिलेगा।
खरगे और राहुल गांधी माफी मांगें: सम्राट चौधरी
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि यह बयान प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति कांग्रेस नेतृत्व की दुर्भावना को दर्शाता है। उन्होंने कांग्रेस, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से तुरंत माफी मांगने की मांग की।
जदयू ने कहा- अपने गिरेबान में झांकें
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी खरगे के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक व्यक्तित्व पर टिप्पणी करने से पहले खरगे को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार को खरगे या कांग्रेस पार्टी के किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।
जीतनराम मांझी की पार्टी ने जताई कड़ी आपत्ति
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने भी खरगे की टिप्पणी की आलोचना की। डॉ. सुमन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा भारतीय लोकतंत्र की गरिमा, सार्वजनिक जीवन की मर्यादा और भारतीय संस्कृति की परंपराओं के अनुकूल नहीं है। उन्होंने खरगे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों से भी इस प्रकरण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और खेद व्यक्त करने को कहा।


